मुर्गियां खाने पहुंचा 7 फीट लंबा अजगर, खौफ के चलते लोगों ने दे डाली ऐसी सजा
बैतूल, 30 जुलाई: मध्यप्रदेश के बैतूल में इन दिनों लगातार अजगर निकलने का सिलसिला जारी है, जहां आए दिन बैतूल के अलग-अलग हिस्सों से अजगर निकलने का घटनाक्रम सामने आता है। हाल ही में एक ऐसा ही घटनाक्रम एक बार फिर बैतूल से निकलकर सामने आया है, जहां लगभग 7 फीट लंबा अजगर मुर्गी खाने का प्रयास कर रहा था, जिसे देख लोग डर गए और वहीं कुछ लोगों ने अजगर को पीट-पीट कर मार डाला। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद पशु प्रेमियों में गुस्सा है, तो वहीं वन विभाग के अमले ने मृत अजगर की डेड बॉडी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

कुछ इस तरह हुआ पूरा घटनाक्रम
बैतूल स्थित सारणी की बंद हो चुकी माइंस के सामने बजरंग कॉलोनी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लगभग 7 फीट लंबा अजगर ग्रामीणों को दिखाई दिया। दरअसल, यह अजगर मुर्गी खाने आया था, जहां मुर्गी खाने के प्रयास के दौरान ग्रामीणों ने इसे देख लिया। वहीं ग्रामीणों ने जैसे ही अजगर को देखा, वैसे ही इलाके में हड़कंप मच गया, जहां देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। वहीं इसके बाद भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अजगर को पीट-पीटकर मार डाला।

वन विभाग के अमले ने डेड बॉडी को कब्जे में लिया
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पशु प्रेमी भी मौके पर पहुंचे, और इस पूरे घटनाक्रम का विरोध किया। थोड़ी ही देर में सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची, जहां वन विभाग की टीम ने मृत अजगर की डेड बॉडी को कब्जे में ले लिया, तो वहीं अब वन विभाग की टीम इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

अजगर को मारने पर मिलती है ये सजा
जानकारों के मुताबिक अजगर को इंडियन रॉक पाइथन कहा जाता है। अजगर, बाघ और तेंदुआ एक ही शेड्यूल में आते हैं, जहां इन्हें वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत शेड्यूल एक में रखा गया है, यानी अजगर को मारने पर उतनी ही सजा होती है, जितनी बाघ या तेंदुए को मारने पर होती है। कुछ संस्थाओं के माध्यम से इनका निशुल्क रेस्क्यू किया जाता है। लेकिन, जागरूकता की कमी होने के चलते लोग इन्हें मार देते हैं। वहीं पशु प्रेमियों ने अजगर के संरक्षण को लेकर वन विभाग से अभियान चलाने की अपील की है।












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