Indore News: हुकुमचंद मिल की जमीन पर होंगे 2 हजार करोड़ से ज्यादा के काम,10 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
मध्यप्रदेश में मोहन कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई, जहां नगर निगम इन्दौर के स्वामित्व की भूमि पर हुकुमचंद मिल (परिसमापन के अंतर्गत) की देनदारियों के निपटान एवं नवीन परियोजना क्रियान्वयन की मंजूरी प्रदान की गई है। इंदौर में नगर विकास योजना 2021 के अंतर्गत ₹5100 करोड़ का निवेश, लगभग 10 हजार रोजगार सृजित होंगे।
इसी के साथ मोहन कैबिनेट में अलग-अलग विभागों से जुड़े खास फैसले लिए गए हैं, जहां इन फैसलों से मध्यप्रदेश के विकास की राह आसान होगी।

10 हजार रोजगार सृजित होंगे
कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि, नगर विकास योजना 2021 एवं राज्य शासन द्वारा स्वीकृत किये जा रहे अतिरिक्त 0.5 एफ.ए.आर. के अनुसार कुल 2.08 लाख वर्ग मीटर आवासीय बिल्ट-अप एरिया निर्मित होगा, जिसमें लगभग 1400 करोड़ रूपये का निवेश आएगा। वाणिज्यिक क्षेत्र में लगभग 3 लाख वर्गमीटर बिल्ट-अप एरिया निर्मित होगा, जिसमें लगभग ₹3700 करोड़ निवेश आएगा, इस परियोजना में लगभग ₹2,332 करोड़ के निर्माण कार्य किए जाएंगे। योजना से निर्माण के दौरान लगभग 83 लाख मानव-दिवस एवं योजना उपरांत नियमित रूप से लगभग 10,000 रोजगार सृजित होंगे।
कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि, बेनेफिसयरी लेड कंस्ट्रक्शन (बी.एल.सी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राही को अपनी स्वयं की भूमि पर स्वयं आवास का निर्माण करने के लिए अनुदान प्रदान किया जाएगा। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.एच.पी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राहियों को नगरीय निकायों, राज्य की अन्य निर्माण एजेंसियों तथा निजी बिल्डर/डेवलपर के द्वारा आवासों का निर्माण कर प्रदान किया जाएगा। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.आर.एच.) घटक अंतर्गत कामकाजी महिलाओं/औद्योगिक श्रमिकों/शहरी प्रवासियों बेघर निराश्रितों/छात्रों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराये के आवास बनाकर उपलब्ध कराया जाएगा।
इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (आई.एस.एस.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान बैंक/एचएफसी के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। योजना अनुसार कल्याणी महिलाओं, सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को वरीयता दी जाएगी। साथ ही सफाईकर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों तथा मलिन बस्ती/चॉल के निवासियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बी.एल.सी. घटक के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास तथा ए.एच.पी. घटक की परियोजनाओं के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास की स्वीकृति प्रदान की गई। शहरी अवास योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई।
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