Indore: विकास के ट्रैक पर रफ्तार भरेगा इंदौर, MIC बैठक में इन प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
मध्यप्रदेश का इंदौर विकास पथ पर अग्रसर हो रहा है। इसी के चलते इंदौर नगर निगम में आयोजित MIC बैठक में कई अलग-अलग प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है।
इंदौर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में महापौर सभाकक्ष में मेयर इन कौंसिल की बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य राजेन्द्र राठौर, निरंजनसिंह चौहान, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, राजेश उदातव, प्रिया डांगी, नंदकिशोर पहाडिया, मनीष शर्मा मामा, समस्त अपर आयुक्त, सचिव, विभाग प्रमुख व अन्य उपस्थित थे।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में आयोजित मेयर इन कौंसिल की बैठक में 450 करोड की लागत से विभिन्न पैकेट में शहर की 23 सडके निर्माण के लिये आमंत्रित टेंण्डर पश्चात कार्य प्रारम्भ करने की स्वीकृति प्रदान की गई, उक्त सडको के निर्माण से शहर में आने वाले 20 से 25 सालो के लिये शहर को बेहतर व अच्छी सडक मिलेगी। इसके साथ ही बैठक में विभिन्न मास्टर प्लान की प्रगतिरत सडको एवं विशेष सहायता अंतर्गत इंदौर विकास योजना में स्वीकृत महत्वपूर्ण सडको हेतु भूमि उपांतरण एवं जनरेटिंग एरिया घोषित करने हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके साथ ही शहर में यातायात के दबाव व वायु प्रदूषण को कम करने व यातायात के सुचारू संचालन हेतु पूर्व से निर्मित कम चौडाई की प्रस्तावित सडको को इंदौर विकास योजना 2021 के अनुसार निर्माण, विस्तारीकरण करना, वर्षा जल निकासी, वाहनो की लेनिंग, फुटपाथ व दुघर्टना से बचाव हेतु वर्ष 2024-25 के लिये राशि रूपये 400 करोड की लागत से 14 मास्टर प्लान की प्रचलित/प्रस्तावित सडक निर्माण कार्य के लिये भी डीपीआर शासन की ओर भेजने हेतु प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।
मेयर इन कौंसिल की बैठक में स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत देवगुराडिया स्थित 500 टी.डी.पी. बायो मिथेनेशन प्लान्ट का निर्माण किया गया है, जो कि एशिया का सबसे बडा बायो सीएनजी प्लांट है, इसे आगे बढाते हुए, देवगुराडिया में बने प्लांट की क्षमता को 500 के स्थान पर 800 टीडीपी बायो मिथेनेशन प्लांट निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई।
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