MP news: प्रतिबंधित पटाखे फोड़ना भारी पड़ेगा, रात 10 के बाद आतिशबाजी पर होगी कार्रवाई
खरगोन में मप्र शासन गृह विभाग मंत्रालय के भोपाल के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने जिले में बेरियम सॉल्ट के उपयोग से बने पटाखे एवं 125 डेसीबल से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों के उपयोग पर दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाया है।
आदेश का उल्लघंन करने वाले व्यक्ति के विरुध्द भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। ये दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आदेश 10 नवंबर से 09 जनवरी 2024 तक प्रभावशील रहेगा। इन निर्देशों का कढाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

कुछ ऐसा है आदेश
इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि, पटाखे जिनके निर्माण में बेरियम सॉल्ट का उपयोग किया गया हो, लड़ी जुड़े हुए पटाखें में बने पटाखें, पटाखे फोड़ने के स्थान से 4 मीटर की दूरी पर 125 डेसीबल या 145 डेसीबल से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों का निर्माण, बिक्री या उपयोग, पटाखें जिनके निर्माण में एंटीमनी, लिथियम, मर्करी, अर्सेनिक, लीड, स्ट्रोटियम, क्रोमेट का उपयोग किया गया हो, पटाखों का ई-कॉमर्स कंपनियां अथवा निजी व्यक्तियों द्वारा ऑनलाईन विक्रय तथा गैर लाइसेंसी विक्रय, घोषित शांति क्षेत्र के भीतर 100 मीटर की दूरी तक तथा रात्रि 08.00 बजे के पहले तथा रात्रि 10.00 बजे के बाद पटाखे चलाना प्रतिबंधित रहेगा।
बिजली उपकरण से दूर करें आतिशबाजी
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने सभी उपभोक्ताओं, आम लोगों से दीपोत्सव के दौरान बिजली लाइनों, बिजली उपकरणों, बिजली संसाधनों से आतिशबाजी दूर करने की अपील की है। कंपनी ने कहा कि बिजली तार, केबल, ट्रांसफार्मर आदि के पास या लाइनों के नीचे पटाखे चलाने से हादसा हो सकता है, केबल पिघल सकती है, तार टूट सकते है, चीनी के उपकरण दरक सकते है, या अन्य परेशानी निर्मित हो सकती है। कंपनी ने कहा कि उपभोक्ता, आमजन लाइनों, ट्रांसफार्मरों, ग्रिड, केबल से पर्याप्त दूरी पर ही पटाखे चलाए।
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