MP news : डेंगू के बढ़ते खतरे की टेंशन, लाखों घरों में हुआ लार्वा सर्वे
मध्यप्रदेश में डेंगू बीमारी के नियंत्रण के लिए सतत प्रयास जारी है। डेंगू को फैलने से रोकने के लिए डेंगू लार्वा का सर्वे और विनिष्टिकरण किया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 79 लाख घरों में सघन लार्वा सर्वे किया गया । डेंगू बीमारी के संक्रमण को फैलाने वाले मच्छर (एडीज एजिप्टाई) को नष्ट करने और प्रजनन स्थल को कम करने का कार्य निरंतर जारी है। अब तक 21 हजार से अधिक व्यक्तियों में डेंगू की जाँच की गई है। इनमें 1595 डेंगू प्रकरण प्रकाश में आये है।

प्रयासों के सकारात्म परिणाम मिल रहे हैं
मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि, प्रदेश में मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए किये जा रहे प्रयासों के सकारात्म परिणाम मिल रहे है। इस वर्ष अब तक कुल 1595 डेंगू के प्रकरण प्रकाश में आये है। जबकि पिछले वर्ष 2021 में इसी अवधि में 10 हजार 102 प्रकरण प्रकाश में आये थे। डेंगू के पाजिटिव रोगियों की संख्या में इस वर्ष कमी आई है। डेंगू बीमारी के नियंत्रण के लिए प्रटोकाल के अनुसार जाँच, उपचार और प्रतिबंधात्मक कार्यवाई की जा रही है।
कुछ इस तरह है जांच व्यवस्था
केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में 64 संस्थानों में डेंगू और चिकनगुनिया बीमारी की एलाइजा आधारित जाँच की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में डेंगू का संक्रमण काल चल रहा है, इसके दृष्टिगत डेंगू नियंत्रण और रोकथाम की कार्यवाही की रोजना जिला स्तरीय समीक्षा की जा रही है। आवश्यक कीटनाशक की उपलब्धता सभी जिलों को कराई गई है। लार्वा विनिष्टिकरण और डेंगू नियंत्रण में जन-जागरूकता के कार्य नियमित रूप से किये जा रहे है।
डेंगू बुखार के लक्षण
डेंगू एक संक्रमण है, जो डेंगू वायरस के कारण होता है। डेंगू का इलाज सही समय पर करना बेहद आवश्यक है। डेंगू वायरस को फैलाने के लिए मच्छर जिम्मेदार होते हैं। डेंगू वायरस होने पर पीड़ित को अत्यधिक दर्द होता है। इसी के साथ बुखार, सिर दर्द, त्वचा पर चेचक, मांसपेशियों में अकड़न और शरीर में दर्द इसके लक्षण हैं। इतना ही नहीं डेंगू बीमारी में प्लेटलेट्स भी कम होने लगते हैं, जहां यह बीमारी इलाज ना करवाने पर घातक साबित हो सकती है।












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