MP में कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई किसानों की टेंशन, इस तरह कर सकते हैं फसलों की देखभाल
मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का कहर देखने मिल रहा है, कुछ फसलों के लिए तो ठंड का मौसम काफी अच्छा है, तो वहीं कुछ फसलों के लिए ठंड का मौसम काफी नुकसानदेह है।

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मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का कहर देखने मिल रहा है, जहां कड़ाके की ठंड दिन प्रतिदिन लगातार बढ़ती चली जा रही है। कड़ाके की ठंड का असर कुछ इस तरह है कि लोग अब ठिठुरन से निजात पाने के लिए अलग-अलग तरकीब खोजते नजर आ रहे हैं। वहीं अब लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, तो गर्म कपड़े पहन कर ठंड से बचाव कर रहे हैं। उधर, ठंड का सीधा असर फसलों पर भी देखने मिल रहा है, जहां कुछ फसलों के लिए तो ठंड का मौसम काफी अच्छा है, तो वहीं कुछ फसलों के लिए ठंड का मौसम काफी नुकसानदेह है। ठंड के मौसम में पाला पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जहां अब लगातार बढ़ रही ठंड किसानों की चिंता भी बढ़ा रही है।

इस कारण होती है समस्या
कृषि विशेषज्ञों की माने तो पाला रबी के मौसम में किसानों की एक प्रमुख समस्या होती है। इस मौसम में तापमान कम होने के साथ-साथ जैसे ही ठंड बढ़ती है और तापमान कम होते-होते जमाव बिन्दू तक आ जाता है, जिससे वातावरण में पाले की स्थिति बनने लगती है। प्रायः पाला पड़ने की संभावना उस रात में ज्यादा रहती है, जब दिन के समय ठंड अत्यधिक हो परन्तु आकाश साफ हो। भूमि के निकट का तापमान शून्य डिग्री सेन्टीग्रेड अथवा और भी कम हो। शाम के समय हवा अचानक रूक जाएं एवं हवा में नमी की अत्यधिक कमी हो।

ये हैं फसलों को बचाने के उपाय
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि, यदि पाला पड़ने की संभावना हो या मौसम विभाग ने पाला पड़ने की चेतावनी दी हो, तो फसलों में हल्की सिंचाई करना चाहिए, जिससे खेत के तापमान में 0.5 से 2 डिग्री से.ग्रे. तक वृद्धि हो जाती है, जिस रात्रि में पाला पड़ने की संभावना हो उस समय खेत की पश्चिमी मेड़ों पर करीब आधी रात को घास-फूंस इकत्रित कर जलाएं, जिससे धुंआ सारे खेत में छा जाएगा। यह प्रक्रिया खेत के कई स्थानों पर करें, जिससे तापमान में वृद्धि होगी। पाले के समय रस्सी का उपयोग करना काफी प्रभावी रहता है।

20 जनवरी से बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो फिलहाल सर्द हवाओं से निजात मिलने की संभावना कम है, लेकिन 20 जनवरी के बाद से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके पीछे की वजह हवा की गति कम होना और हवा की दिशा बदलना हो सकती है। हाल-फिलहाल ठंड की स्थिति देखी जाए तो सर्द हवाओं का सबसे ज्यादा असर शाम 5 बजे से लेकर सुबह 10 बजे तक रहता है। साथ ही सुबह और शाम को ठंड ज्यादा महसूस होती है। उधर, आने वाले दिनों में जल्द ही लोगों को ठंड से राहत मिल सकती है, जहां 20 जनवरी के बाद से मौसम में परिवर्तन होने की संभावना मौसम वैज्ञानिक जता रहे हैं।
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