जाकिर नाइक पर ईडी ने कसा शिकंजा, मुंबई-पुणे में 16.40 करोड़ की संपत्ति जब्त
नई दिल्ली। विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक पर प्रवर्तन निदेशालय ने शिकंजा कसा है। प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई और पुणे में करीब 16.40 करोड़ की संपत्तियों को जब्त किया है। जाकिर नाइक के केस में प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए इन संपत्तियों की कुर्की की है। जाकिर नाइक की संपत्तियों ये तीसरी कुर्की है।

जाकिर नाइक पर अपने भाषणों से मुस्लिम युवकों को दहशतगर्दी की ओर धकेलने का आरोप है। सबसे पहले जाकिर का नाम बांग्लादेश की राजधानी ढाका में जुलाई 2016 में हुए आतंकी हमले के बाद सामने आया था। इस हमले में 18 विदेशी नागरिकों सहित 29 लोगों की जान चली गई थी। इन आतंकियों के जाकिर नाइक के भाषणों से प्रेरित होने का खुलासा हुआ था, जिसके बाद वह भारत से भाग गया था। इस खुलासे के बाद काफी बवाल मचा था।
जाकिर नाइक भारत से भागकर मलेशिया चला गया था। उसे भारत लाने की सरकार द्वारा कोशिश की जा रही है। इंटरपोल के साथ हुई बैठक में एनआईए ने जाकिर के खिलाफ मजबूत सबूत पेश किए थे। भारत की लगातार कोशिश है कि जाकिर को वापस लाया जा सके। जाकिर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक के मामले में एनआईए जांच कर रही है। वह 2016 से देश से बाहर है।
2016 से भी मलेशिया में रहता है जाकिर
52 साल के नाईक पर दो साल पहले गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए थे। कोर्ट ने नाईक को जून 2017 में वांटेड अपराधी घोषित किया था। जाकिर पर IRF की धारा 10 UA (P) और IPC की 120B, 153A, 295A, 298 और 505(2) धाराएं के तहत मामला दर्ज है। नाईक पर अपने भड़काऊ भाषण के जरिए नफरत फैलाने, समुदायों में दुश्मनी को बढ़ावा देने और आतंकवाद का वित्तपोषण करने का आरोप है।












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