YES BANK: क्या राणा को 2 करोड़ की पेंटिंग खरीदने को किया गया मजबूर, प्रियंका को समन करेगा ED

नई दिल्ली- यस बैंक घोटाले में जैसे-जैसे प्रवर्तन निदेशालय की जांच आगे बढ़ती जा रही है, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। अब जानकारी सामने आ रही है कि इस मामले में ईडी के पास कुछ ठोस सबूत हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर न सिर्फ वह कांग्रेस नेता को पूछताछ के लिए बुलाने वाला है, बल्कि वह शिमला स्थित उनके बहुचर्चित कॉटेज को कुर्क भी कर सकता है। दरअसल, यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर से अबतक की पूछताछ में ये बात सामने आई है कि उसे बिना उसकी इच्छा के प्रियंका गांधी से उनके पिता राजीव गांधी की वह कथित पेंटिंग खरीदने के लिए मजबूर किया गया था। इस पूरे विवाद में अब महाराष्ट्र से कांग्रेस के बड़े नेता मिलिंद देवड़ा का भी नाम सामने आ रहा है और हो सकता है कि ईडी उनसे भी पूछताछ करे।

राणा पर पेंटिंग खरीदने के लिए था दबाव ?

राणा पर पेंटिंग खरीदने के लिए था दबाव ?

यस बैंक के फाउंडर से उसे डुबोने के मुख्य कारण बन चुके राणा कपूर ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के सामने बयान दिया है कि उसे कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से 2 करोड़ रुपये में राजीव गांधी की पेंटिंग खरीदने के लिए मजबूर किया गया। इस आधार पर ईडी न सिर्फ प्रियंका को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है, बल्कि संभावना है कि शिमला में उनकी बहुचर्चित प्रॉपर्टी भी कुर्क कर सकता है, क्योंकि राणा से मिली 2 करोड़ की रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर उन्होंने उसी प्रॉपर्ट को तैयार करने पर खर्च किया था। रविवार को मुंबई के ईडी दफ्तर में राणा ने अपने बयान में दावा किया है कि दक्षिण मुंबई के पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा ने उन्हें प्रियंका गांधी से पूर्व पीएम राजीव गांधी की पेंटिंग 2 करोड़ रुपये में खरीदने को मजबूर किया।

मिलिंद देवड़ा ने राणा पर क्यों डाला दबाव?

मिलिंद देवड़ा ने राणा पर क्यों डाला दबाव?

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की मुश्किल ये है कि टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर के मुताबिक एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत राणा कपूर जैसे आरोपी से मिले पैसे का शिमला में अपनी कॉटेज पर खर्च करना 'अपराध से प्राप्त आय' की श्रेणी में माना जा सकता है और वैसी संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय कुर्क भी कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक 2 करोड़ रुपये की इस लेनदेन में ईडी मिलिंद देवड़ा से भी पूछताछ कर सकता है, क्योंकि ईडी के अधिकारियों का मानना है कि उस पेंटिंग को खरीदने के लिए राणा की इच्छा से ज्यादा देवड़ा का उसके लिए दबाव बनाना ज्यादा सवाल खड़े कर रहा है। यस बैंक के 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम के घोटाले के आरोपी राणा कपूर के स्मार्टफोन से ईडी ने अहम कई मैसेज और मेल बरामद किए हैं, जो उसने पिछले 10 साल से बचाकर रखे थे। उन एसएमएस और मेल के आधार पर एजेंसी को लगता है कि राणा ने अपनी इच्छा से राजीव गांधी की पेंटिंग नहीं खरीदी, बल्कि एसएमएस और ई-मेल की पड़ताल से पता चलता है कि देवड़ा ने उसके लिए उसपर बड़ा दबाव बना रखा था।

प्रियंका के लिए डील कर रहे थे देवड़ा?

प्रियंका के लिए डील कर रहे थे देवड़ा?

पहले तो देवड़ा 1 मई, 2010 को राणा को लिखा कि वह 'श्रीमती गांधी' को लिखे कि वह उनसे एक पेंटिंग खरीदना चाहता है। इसके बाद वह लगातार राणा पर दबाव बनाने लगे। 29 मई, 2010 को देवड़ा ने राणा को लिखा कि आपका खत मिला और उसे 'पीजी' को भेज भी दिया। उन्होंने लिखा कि अभी तो उनसे या उनके परिवार से मीटिंग करवाना संभव नहीं है, लेकिन मैं जल्द ही इसकी व्यवस्था करवाऊंगा। इस खत में देवड़ा ने साफ लिखा "उनकी मां और वो अगले हफ्ते के शुरू में ही चेक मांग रही हैं। यहां तक कि मेरे पिता (मुरली देवड़ा) को भी उन्होंने सूचना दी है और वह भी आपसे मिलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन नहीं मिल पाए। दुर्भाग्य से बहुत समय लग गया।" इसके बाद उन्होंने लिखा कि वो चेक देने की सही तारीख बताएं, जो वह अपने पिता और प्रियंका को बता सकें।

पेंटिंग खरीदने में यस बैंक के पैसों का इस्तेमाल ?

पेंटिंग खरीदने में यस बैंक के पैसों का इस्तेमाल ?

यस बैंक को डुबाने के आरोपी राणा कपूर प्रियंका गांधी से पेंटिंग खरीदकर उन्हें 2 करोड़ रुपये दें इसके लिए मिलिंद देवड़ा कितने उतावले थे, इसकी एक बानकी 2 जून, 2010 को राणा को भेजे उनके एक मैसेज में दिखता है। इस मैसेज में वो लिखते हैं, 'राणा अंकल, प्लीज मुझे बताइए कि मैं चेक कब आकर ले सकता हूं। मैं उन्हें कई हफ्तों से आश्वसान दिए जा रहा हूं और अब तो वो अपना सब्र खो चुके हैं। मेरे पर यकीन कीजिए और अब बिल्कुल ही देरी मत कीजिए.......' इस मैसेज के बाद राणा ने कोई देरी नहीं की और अगले ही दिन एचएसबीसी बैंक के अपने पर्सनल अकाउंट से प्रियंका के नाम 2 करोड़ रुपये का चेक काट दिया। अगले दिन प्रियंका ने भी पेंटिंग के मद में पूरी रकम पा लेने वाली पावती खत कपूर को भेज दिया। लेकिन, जांच में ये बात सामने आ रही है कि उसने पूरी रकम यस बैंक से वापस अपने नाम ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक यह प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत 'अपराध से प्राप्त आय' की श्रेणी में आता है।

प्रियंका के बचाव में कांग्रेस की दलील

प्रियंका के बचाव में कांग्रेस की दलील

इस मुद्दे पर देवड़ा ने अबतक कुछ नहीं कहा है, लेकिन, कांग्रेस प्रियंका गांधी के बचाव में उतर चुकी है। पार्टी कह रही है कि एमएफ हुसैन की बनाई राजीव गांधी की पेंटिंग बेचकर प्रियंका ने कुछ भी गलत नहीं किया है। पार्टी का कहना है कि प्रियंका अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में भी इसका खुलासा कर चुकी हैं। लेकिन, जानकारी के मुताबिक प्रियंका ने राणा कपूर को पेंटिंग बेचते वक्त दावा किया था कि वह पेंटिंग उस समय उनके कब्जे में थी और उसपर उन्हीं का स्वामित्व था। लेकिन, ईडी सूत्रों के मुताबिक एजेंसी प्रिंयका के इन दावों की भी जांच करेगा कि क्या उस पेंटिंग पर कांग्रेस पार्टी का स्वामित्व तो नहीं था। क्योंकि, एमएफ हुसैन ने उसे 1985 में कांग्रेस के शताब्दी वर्ष में राजीव गांधी को भेंट किया था। ऊपर से एजेंसी के मुताबिक यह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला तो है ही।

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