अगर मेरे सवालों से बेटे का करियर खराब होता है तो हो जाए- यशवंत सिन्हा
नई दिल्ली। देश में आर्थिक मंदी के मसले पर भारतीय जनता पार्टी की लड़ाई अब सामने आ चुकी है। एक ओर जहां सरकार का कहना है कि देश में कहीं कोई दिक्कत नहीं है और नोटबंदी, GST के बाद देश में विकास की रफ्तार बढ़ी है वहीं यशवंत सिन्हा के एक लेख ने पूरी सरकार में खलबली मचा दी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने लेख में कहा था कि वित्त मंत्री जेटली ने देश का कबाड़ा कर दिया है। हालांकि लगातार 2 दिनों से चल रही इस बहस में बड़ा मोड़ उस वक्त आया जब एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में कहा था कि 'किताब का शीर्षक होता की 70 साल का भारत, साढ़े तीन साल की मोदी सरकार और 80 की उम्र में रोजगार की तलाश।' खुद पर लगाए गए इस आक्षेप के बाद यशवंत सिन्हा ने भी पलटवार किया।

उन्होंने कहा कि अगर देश की अर्थव्यवस्था खराब है को इसका जिम्मेदार वित्त मंत्री ही होगा ना कि गृह मंत्री। व्यक्तिगत आरोप मैं भी लगा सकता हूं लेकिन मैं इस में नहीं फंसूगा। सिन्हा ने कहा कि 'राष्ट्रहित से बड़ा कोई हित नहीं है। अगर मेरे सवालों से बेटे का करियर खराब होता हो तो हो जाए।'
बता दें कि कल ही बेटे जयंत का लेख आने के बाद यशवंत ने कहा था कि बहुत दिनों से हम जानते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था में गिरावट आ रही है थी। साल 2014 के पहले जब मैं पार्टी प्रवक्ता था तो जब आर्थिक मामलों की बात आती थी, तो हम यूपीए सरकार की स्थिति को पॉलिसी पैरालिसिस का नाम देते थे। हम इससे पहले की सरकार को दोष नहीं दे सकते क्योंकि हमें पूरा मौका मिला है।
उन्होंने कहा था कि बिना नोटबंदी के परिणामों को जाने सरकार GST ले आई। आज जब नौकरी है ही नहीं, तो नौकरी देंगे कहा से? सिन्हा ने कहा कि आज लोगों में रोजगार को लेकर चिंता है। यशवंत ने कहा कि लंबे समय के फायदें की दलील बेकार है।सिन्हा ने कहा कि नोटबंदी पहला झटका था, और GST दूसरा। आज देश की जनता चाहती है कि रोजगार मिले, पर जिससे पूछो वो कहता है कि रोजगार है ही नहीं।












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