Vinesh Phogat यौन उत्पीड़न मामले में रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष क्या बोले ?
कुश्ती के खेल में विनेश फोगाट किसी पहचान की मोहताज नहीं। यौन उत्पीड़न जैसे संगीन आरोप के बाद रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के प्रमुख ने बयान जारी किया है।

Vinesh Phogat के कथित यौन उत्पीड़न मामले पर रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के चीफ बीबीएस सिंह ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा, विनेश को पहले आरोपियों या उन कोचों के नाम बताने चाहिए थे, जिनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। बीबीएस सिंह ने कहा कि 97 फीसद खिलाड़ी WFI के साथ हैं। तमाम विवादों के बीच खिलाड़ियों ने दबाव में धरना दिया।
खिलाड़ियों पर धरने का दबाव
अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर रेसलिंग फेडरेशन चीफ बीबीएस सिंह ने कहा, 97 फीसद खिलाड़ी WFI के साथ हैं। मैं यौन उत्पीड़न के आरोपों से आहत हूं। कोई भी खिलाड़ी मुझ पर या मुख्य कोच पर ये आरोप नहीं लगा सकता। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के मुताबिक कुछ पहलवानों पर धरने पर बैठने का दबाव बनाया गया था।
कुश्ती के हित में लिए फैसले
उन्होंने कहा, मैंने ओलंपियनों की सफलता में योगदान दिया है। एक हफ्ते पहले बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक मुझसे मिले थे, उन्हें पहले कोई समस्या नहीं थी। हो सकता है, उन्हें WFI चीफ के रूप में लिए गए मेरे कुछ फैसले पसंद नहीं आए हों, लेकिन मैंने फैसले केवल कुश्ती के खेल या प्रोफेशनल रेसलिंग के हित में लिया।
पहले आरोपियों के नाम बताने चाहिए
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बीबीएस सिंह के अनुसार, कुछ दिनों पहले एक बैठक में विनेश फोगाट ने मुख्य कोच को बदलने की मांग की थी, लेकिन केवल एक खिलाड़ी की सिफारिश पर कोच नहीं रखा जा सकता। हमें दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों के बारे में भी सोचना होगा। डब्ल्यूएफआई प्रमुख ने कहा कि विनेश को पहले यौन उत्पीड़न में शामिल कोचों के नाम के साथ कंप्लेन करने आना चाहिए था।
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क्या है पूरा मामला ?
बता दें कि विनेश फोगाट ने आरोप लगाया कि कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष और कोच महिला खिलाड़ियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। WFI अध्यक्ष पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए विनेश फोगाट ने कहा कि उन्हें खोटा सिक्का कहा गया। हालात इतने गंभीर हो गए, कि उनके दिमाग में सुसाइडल ख्याल आने लगे। महिला कोच का भी शोषण हो रहा है। खिलाड़ियों की निजी जिंदगी में भी दखल दिया जा रहा है। ओलंपिक में महिला रेसलर को फिजियो नहीं मिला। आवाज उठाने पर धमकियां दी जा रही हैं।
विनेश के समर्थन में आए दिग्गज पहलवान
उनके समर्थन में बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक जैसे कई महिला पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया। विनेश का आरोप है कि रसूख का इस्तेमाल कर लड़कियों पर धौंस जमाई जाती है। बजरंग पूनिया ने कहा, जब तक WFI अध्यक्ष और उत्पीड़न के दोषी कोच को हटाया नहीं जाएगा, रेसलर्स भारत की तरफ से किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं लेंगे। जिन पहलवानों ने WFI पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला है, इनमें ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई कुश्ती प्रतियोगिता में भाग ले चुके पहलवान शामिल हैं। ऐसे में मामला गंभीर होने के संकेत के साथ विवाद बढ़ने की आशंका है।












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