Wrestlers Protest IOC की नजरों में आया, कहा- भारतीय पहलवानों के साथ हुआ बर्ताव परेशान करने वाला
भारतीय रेसलिंग गत कई महीने से विवादों में है। कुश्ती के अखाड़े से बाहर इंसाफ का दंगल लड़ रहे पहलवानों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने "बहुत परेशान करने वाला" करार दिया।

Wrestlers Protest IOC के अनुसार, आरोपों की निष्पक्ष, आपराधिक जांच के लिए हो रहा है। IOC की प्रतिक्रिया यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) द्वारा जंतर मंतर पर अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान पहलवानों को हिरासत में लेने की आलोचना के बाद आई है।
गत 28 मई को दिल्ली पुलिस ने विरोध करने वाले भारतीय पहलवानों को हिरासत में लिया। आईओसी ने इसकी निंदा करते हुए कहा, पुलिस ने एथलीट्स के साथ जिस तरह से व्यवहार किया यह "बहुत परेशान करने वाला" है।
कड़े शब्दों में भारतीय पहलवानों के खिलाफ एक्शन को लेकर आईओसी ने कहा, "सप्ताहांत में भारतीय कुश्ती एथलीटों का व्यवहार बहुत परेशान करने वाला था। आईओसी जोर देकर कहता है कि पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष, आपराधिक जांच स्थानीय कानून के अनुसार की जाए।"
ओलंपिक समिति ने कहा, "हम समझते हैं कि इस तरह की एक आपराधिक जांच की दिशा में पहला कदम उठाया गया है, लेकिन ठोस कार्रवाई दिखाई देने से पहले और कदम उठाने होंगे।"
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IOC ने कहा, "हम आग्रह करते हैं कि इस प्रक्रिया के दौरान इन एथलीटों की सुरक्षा और भलाई पर विचार किया जाएगा। साथ ही जांच तेजी से संपन्न होगी।" समिति के अनुसार, IOC यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के साथ शुरुआत से ही संपर्क में रही है, जिसने पहले ही उपाय कर लिए हैं।
बयान में कहा गया, आईओसी इस मुद्दे पर सक्षम खेल प्राधिकरण के रूप में UWW का समर्थन करता है। यह भारत में कुश्ती के खेल के प्रशासन से जुड़ा मामला है। UWW के अनुसार, वर्तमान में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) का कोई अध्यक्ष नहीं हैं।
IOC ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से "एथलीटों की सुरक्षा" सुनिश्चित करने को कहा। यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय महासंघ के रूप में UWW के नियमों के अनुरूप WFI के चुनाव योजना के अनुसार कराए जाएं।
इससे पहले UWW ने मंगलवार को "अब तक की जांच के परिणामों की कमी" पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि खेल निकाय पहलवानों के साथ उनकी स्थिति और सुरक्षा के बारे में पूछताछ करने के लिए बैठक करेगा।
WFI चुनावों के बारे में, कुश्ती के अंतरराष्ट्रीय शासी निकाय ने कहा, "... UWW IOA और WFI की एड-हॉक कमेटी से अगले ऐच्छिक आम सभा के बारे में और जानकारी मांगेगा।"
रिपोर्ट्स के अनुसार, 45 दिनों की समय सीमा में जानकारी देने में विफल रहने पर UWW को भारतीय रेसलिंग फेडरेशन को निलंबित करना पड़ सकता है, जिससे एथलीट तटस्थ ध्वज के तहत प्रतिस्पर्धा करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
गौरतलब है कि पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और संगीता सहित ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप पदक विजेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। हाथापाई की नौबत आने पर पहलवान सड़क पर घसीटे गए।
घटना रविवार को उस समय हुई जब पहलवान महिला 'महापंचायत' के लिए भारत में बने नए संसद भवन की ओर मार्च कर रहे थे। पहलवानों और उनके समर्थकों पर पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ने का आरोप है।
विरोध कर रहे पहलवान एक नाबालिग सहित कई महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा रहे हैं। आरोप भाजपा सांसद सह WFI चीफ बृजभूषण शरण सिंह पर है। उनकी गिरफ्तारी की मांग भी उठ रही है।












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