World Youth Skills Day: AI से डिजिटल इकोनॉमी तक, जानिए युवाओं को किस तरह बदल रहा है एआई और टेक्नोलॉजी का दौर?
World Youth Skills Day: हर साल 15 जुलाई को मनाया जाने वाला विश्व युवा कौशल दिवस (World Youth Skills Day) आज सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक वैश्विक आह्वान बन चुका है-युवाओं को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने का, उन्हें तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और अवसरों से लैस करने का।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 2014 में 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस घोषित किया था, और तब से यह दिन युवाओं के कौशल विकास, रोजगार, और उद्यमशीलता की दिशा में एक अहम मंच बन चुका है। जानिए क्या है इस साल की थीम और क्यों खास है ये...

World Youth Skills Day: क्या है इस साल की थीम
इस साल की थीम - "कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल कौशल के माध्यम से युवा सशक्तिकरण" - अपने आप में आज के दौर की हकीकत को दर्शाती है। जैसा कि UN.org पर बताया गया है, चौथी औद्योगिक क्रांति (Fourth Industrial Revolution) तेज़ी से वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को बदल रही है, और इसके केंद्र में है एआई।
इसका सीधा असर तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET) प्रणाली पर पड़ रहा है, जिसे अब युवाओं को भविष्य के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता है। जहाँ AI जीवन, शिक्षा और कामकाज के स्वरूप को बदल रहा है, वहीं इसमें समावेशिता और समान अवसरों की चुनौती भी छिपी है। यदि सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तो यह नई असमानताओं को जन्म दे सकता है।
वर्तमान स्थिति: आंकड़े जो सोचने पर मजबूर करते हैं
- लगभग 450 मिलियन युवा - यानी हर 10 में से 7 - अभी भी पर्याप्त कौशल के अभाव में आर्थिक रूप से असक्रिय हैं।
- 86% छात्रों को लगता है कि वे एआई से प्रभावित कार्यस्थलों के लिए तैयार नहीं हैं।
- 2022 में, 40% से अधिक युवा न तो नौकरी में थे, न ही पढ़ाई या प्रशिक्षण में।
- कम आय वाले देशों में 90% किशोर लड़कियाँ और युवा महिलाएँ अभी भी ऑनलाइन नहीं हैं।
- अमीर देशों में भी, सिर्फ 1 में से 10 पंद्रह वर्षीय छात्र हफ्ते में एक घंटे से ज़्यादा समय डिजिटल लर्निंग में लगाते हैं।
- साइबर बुलिंग के खिलाफ कानून केवल 16% देशों में लागू हुए हैं, जिनमें से 38% महामारी के बाद लागू किए गए।
क्यों मनाया जाता है विश्व युवा कौशल दिवस?
यह दिवस युवाओं, TVET संस्थानों, व्यवसायों, नीति निर्माताओं और विकास भागीदारों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह उन युवाओं को आवाज़ देने का दिन है जो तकनीकी बदलावों के बीच अपने लिए एक सम्मानजनक भविष्य गढ़ना चाहते हैं। आज जब भारत डिजिटल परिवर्तन के युग में प्रवेश कर चुका है, तो युवाओं को कौशल संपन्न बनाना सिर्फ एक सामाजिक ज़रूरत नहीं, बल्कि आर्थिक अनिवार्यता बन गई है।
एक दिन नहीं, एक दिशा
विश्व युवा कौशल दिवस केवल एक कैलेंडर दिवस नहीं, बल्कि एक मिशन है - सरकार, उद्योग, और शिक्षा क्षेत्र के बीच साझेदारी का मिशन। आज जब भारत "विकसित भारत" की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है, तो यह जरूरी है कि उसके युवा न केवल भविष्य के अनुरूप ढलें, बल्कि उस भविष्य को परिभाषित भी करें। AI से लेकर ऑटोमेशन तक, कोडिंग से लेकर कंस्ट्रक्शन तक-युवा भारत अब सिर्फ बदलते युग का हिस्सा नहीं, उसका नेतृत्व करने को तैयार है।












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