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Coronavirus के डर से दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश ने रमजान में आवाजाही पर लगाई पाबंदी

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नई दिल्ली- दुनिया का सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश इंडोनेशिया अबतक कोरोना वायरस के खिलाफ जंग के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया था। लेकिन, उसकी नींद तब खुली है जब रमजान के महीने की शुरुआत होने ही वाली है। अब वहां के प्रधानमंत्री जोको विडोडो ने रमजान के मौके पर होने वाली बड़े पैमाने पर आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है। जबकि, रमजान के लिए वहां हर साल करीब एक करोड़ लोग बड़े शहरों से अपने गांवों और कस्बों की ओर कूच करते हैं। यह पाबंदी ऐसे समय में भी लगाई गई है, जब लाखों लोग रोजगार छूटने की वजह से दूर-दराज के अपने गांवों की ओर निकल भी पड़े हैं।

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इंडोनेशिया में रमजान में आवाजाही पर पाबंदी

इंडोनेशिया में रमजान में आवाजाही पर पाबंदी

दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए रमजान के मौके पर अपने नागरिकों के लिए देश में कहीं भी आवाजाही पर रोक लगा दी है। बता दें कि इंडोनेशिया में हर साल ईद-उल-फितर के मौके पर करीब एक करोड़ लोग अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने के लिए अपने-अपने घरों की ओर रवाना हो जाते हैं। लेकिन, इंडोनिशियाई सरकार को लग रहा है कि इस बार अगर ऐसा होने दिया गया तो कोरोना वायरस को और ज्यादा फैलने से रोकना नाममुकिन हो जाएगा। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि वहां की राष्ट्रीय सरकार अपने फैसले को लागू कैसे करेगी और न जाने कितने ही लोग बड़े शहरों में कोरोना वायरस की वजह से नौकरियां जाने के बाद अपने गांवों की ओर रवाना भी हो चुके हैं। कोरोना वायरस महामारी के चलते वहां पहले से ही लोगों पर बहुत बड़ी आर्थिक मार पड़ चुकी है।

सर्वे करवाने के बाद लिया फैसला

सर्वे करवाने के बाद लिया फैसला

बता दें कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने पहले इस तरह की यात्रा पाबंदियां लगाने का कोई फैसला नहीं किया। लेकिन, मंगलवार को ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के सर्वे का हवाला देते हुए उन्होंने अपनी नीति में बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि रमजान के बाद दुनिया के इस सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश में मोटे तौर पर देश की आबादी के एक-चौथाई लोग अलग-अलग जगहों के लिए पलायन कर जाते हैं। अब इंडोनेशिया सरकार को लग रहा है कि 26.4 करोड़ की आबादी वाले देश में अगर लोग बड़ी तादाद में आवाजाही करेंगे तो कोरोना वायरस तेजी से फैलेगा और स्वास्थ्य-व्यवस्थाओं से लचर इस देश को संभालना मुश्किल हो जाएगा।

जकार्ता में सबसे ज्यादा संक्रमण, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं रखा ज्यादा ख्याल

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बता दें कि इंडोनेशिया में अबतक कोरोना वायरस के 6,700 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 590 लोगों की मौत हो चुकी है। इसका सबसे ज्यादा प्रकोप राजधानी जकार्ता में है और यहां ठीक से टेस्टिंग की व्यवस्था नहीं है, नहीं तो यह संख्या इससे कहीं ज्यादा होने की आशंका है। सबसे बड़ी बात है कि इंडोनेशिया उन देशों में शामिल है,जहां कोरोना वायरस का प्रकोर बहुत पहले ही पहुंच गया था, लेकिन अब तक वहां राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन पर विचार नहीं किया गया और ज्यादातर पाबंदियां राजधानी जकार्ता में ही देखने को मिल रही हैं, जहां स्कूल और कॉलेज तो बंद हैं, लेकिन कुछ इलाकों में भीड़भाड़ आज भी मौजूद रहती है।

नमाज के दौरान जुटने वाली भीड़ को रोकना बड़ा चैलेंज

नमाज के दौरान जुटने वाली भीड़ को रोकना बड़ा चैलेंज

बड़ी बात ये है कि रमजान के दौरान वहां हलाल-बी-हलाल नाम का एक बेहद लोकप्रिय कार्यक्रम होता है, जिसमें लोग एक-दूसरों से नजदीक से मिलते हैं और माफी मांगते हैं। यही नहीं वहां ईद के दिन तो सामूहिक नवाज के लिए इतनी ज्यादा भीड़ उमड़ती है कि फुटबॉल के मैदान भी छोटे पड़ने लग जाते हैं। ऐसे में अगर इस साल रमजान के मौके पर अगर भीड़ इसी तरह नमाज अदा करने के लिए जुटी तो फिर कोरोना वायरस को रोक पाना असंभव होगा।

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English summary
World's largest Muslim country Indonesia banned movement in Ramadan for fear of Coronavirus
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