ये हैं दुनिया के सबसे घातक 5 ड्रोन, पलक झपकते ही मचा देते हैं तबाही
पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले भारत ने यूएसए के साथ बड़ी ड्रोन डील पर मुहर लगा दी है। तीन बिलियन डॉलर में 30 MQ-9 ड्रोन अमेरिका से लिए जाएंगे। 15 जून को डिफेंस एक्यूजिशन काउंसिल की बैठक में प्रीडेटर ड्रोन के सौदे को मंजूरी दे दी गई।
अमेरिका के प्रीडेटर ड्रोन को दुनिया का सबसे ताकतवर ड्रोन माना जाता है। एमक्यू-9 बी के दो वैरिएंट हैं। एक स्काई गार्जियन और दूसरा सी गार्जियन। गुरुवार को एमक्यू-9बी सी गार्जियन की खरीद को मंजूरी दी गई है।

आज हम आपको दुनिया के ऐसे ही 5 सबसे उन्नत और युद्ध क्षेत्र में तबाही मचाने वाले ड्रोन के बारे में बताने जा रहा है। इस वक्त दुनिया के 100 से अधिक देश हैं। जो लड़ाकू ड्रोन का उपयोग करते हैं। भारत के के लिए ये ड्रोन अहम साबित होने वाला है।

30 MQ-9
प्रीडेटर ड्रोन एक बार उड़ान भरने के बाद करीब 1900 किलोमीटर एरिया की निगरानी कर सकता है साथी ही 35 घंटे तक हवा में रह सकता है। इसकी रफ़्तार 444 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इसके साथ ही यह जमीन से 50 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। ड्रोन हेलफायर मिसाइल व बम समेत 1746 किलो के वजन को अपने साथ लेकर उड़ने की क्षमता रखता है।
यह ड्रोन इन-बिल्ट वाइड-एरिया मैरीटाइम रडार, ऑटोमेटिक आईडेंटिफिकेशन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट मेजर्स और एक सेल्फ कंटेन्ड एंटी सबमरीन वॉरफेयर यानी ASW किट से लैस है। 40 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर उड़ने के कारण दुश्मन इस ड्रोन को आसानी से पकड़ नहीं पाते हैं। इसमें दो लेजर गाइडेड एजीएम-114 हेलफायर मिसाइलें लगाई जा सकती हैं।

क्रोनस्टेड ओरियन
रूस द्वारा निर्मित क्रोनस्टेड ओरियन को बेहद ही खतरनाक ड्रोन माना जाता है। रूस ने यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में इस ड्रोन का जमकर यूज किया है। ओरियन को ड्रोन किलर मशीन भी कहा जाता है। ओरियन ड्रोन की टॉप स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इस ड्रोन को रूस के क्रोनस्टेड समूह ने विकसित किया है।
इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 1000 किलोग्राम और पेलोड 200 किलोग्राम का है। ओरियन ड्रोन की रेंज 250 किलोमीटर है, जबकि इसे 8,000 मीटर की अधिकतमक ऊंचाई तक ऑपरेट किया जा सकता है। यह ड्रोन एक बार उड़ान भरने के बाद हवा में 24 घंटे तक उड़ सकता है। ओरियन ने लगभग 96 किलोमीटर की दूरी से दुश्मन के ड्रोन को पहचान लेता और नष्ट कर देता है।

बायरकतार टीबी 2
इस ड्रोन को तुर्की ने विकसित किया है। यह ड्रोन एक एडवांस AESA रडार सिस्टम से लैस है, जो हाई रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें प्रदान कर सकता है। इसके साथ ही इस रडार के जरिए ड्रोन एक ही समय पर कई लक्ष्यों पर टार्गेट कर सकता है। तुर्की ने ये ड्रोन पाकिस्तान को बेचे हैं।
ड्रोन 1300 किग्रा से ज्यादा का पेलोड अपने साथ ले जा सकते है। यह ड्रोन हवा से जमीन पर मारने वाली मिसाइल, बम और कई गाइडेड मिसाइल के जरिए निशाना लगा सकता है। ड्रोन 25,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसके अलावा यह 27 घंटे हवा में रह सकता है। विमान ऑटोमैटिक तरीके से लैंडिंग और टेकऑफ करने में भी सक्षम है। इसे 300 किमी दूर से ऑपरेट किया जा सकता है।

होंगदू GJ-11 शार्प स्वार्ड
यह चीन की सेना का एक लड़ाकू ड्रोन है। इसे होंगदू एविएशन इंडस्ट्री ग्रुप द्वारा विकसित और निर्मित किया गया है। ये एक स्टील्थ तकनीक से लैस ड्रोन है। जिसे राडर आसानी से नहीं पकड़ पाते हैं। होंगदू जीजे-11 में हथियारों को लोड करने के दो तरीके होते हैं। इसमें एयर-लॉन्च ग्रुप डिकॉय को तैनात करने की क्षमता है। ये इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के साथ-साथ सटीक गाइडेड वॉरहेड सामग्री लॉन्च करने की क्षमता रखता है। हांगदू जीजे-11 2,000 किलोग्राम तक के हथियार ले जा सकता है।

स्टार शैडो ड्रोन
यह चीन का एक रहस्यमई ड्रोन है। स्टार शैडो को चीन की कंपनी स्टार यूएवी सिस्टम ने तैयार किया था। यह कंपनी चेंगदू में है। स्टार शैडो ड्रोन का विंगस्पैन 50 फीट का है और इसकी लंबाई करीब 23 फीट है। यह ड्रोन 12 घंटे तक हवा में रह सकता है। टेकऑफ के समय इसका वजन करीब चार हजार किलोग्राम है। स्टार शैडो ड्रोन TWS800 टर्बोफैन इंजन से चलता हे। यह ड्रोन, चीन की ड्रोन फ्लीट का सबसे ताकतवर ड्रोन है।












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