अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप को भी भारत ने सिखाया! कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बीच महंगाई पर कंट्रोल
कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत में खाद्य महंगाई कंट्रोल में है। दुनिया के जिन देशों में सबसे कम महंगाई है, भारत उनमें शामिल है। यहां तक की अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के लिए भारत एक बेहतर उदारहण बनकर आया है।

कोरोना महामारी का लंबा दौर, रूस-यूक्रेन युद्ध और आर्थिक मंदी के संकट के बीच दुनिया का हर देश महंगाई से जूझ रहा है, जिसमें खाद्य महंगाई (Food inflation) कई देशों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। यहां तक की अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप जैसे विकसित देश भी बढ़ती महंगाई से परेशान हैं, लेकिन इस सब परिस्थितियों के बीच भारत में महंगाई काबू में है।
खाद्य महंगाई की स्थिति को भारत ने कंट्रोल में रखते हुए इसे 'बहुत अच्छी तरह से' चलाने में कामयाब रहा है। कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के अनुसार भारत में इस साल मार्च में महंगाई दर घटकर 4.79 प्रतिशत हो गई, जो फरवरी में 5.95 प्रतिशत और मार्च 2022 में 7.68 प्रतिशत थी।
बड़े-बड़े देशों में महंगाई बढ़ी
यह ऐसे वक्त में है, जब कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते दुनियाभर में महंगाई बढ़ी है। अमेरिका और यूरोपीय देशों में महंगाई के आंकड़े लोगों से सब्र के बांध से ऊपर चल रहे हैं। वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप में महंगाई दर क्रमशः 8.5 प्रतिशत, 19.1 प्रतिशत और 17.5 प्रतिशत है।
लेबनान, वेनेजुएला, अर्जेंटीना और जिम्बाब्वे जैसे देश क्रमशः 352 प्रतिशत, 158 प्रतिशत, 110 प्रतिशत और 102 प्रतिशत महंगाई दर का सामना कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य प्रोफेसर शामिका रवि ने वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स के आंकड़े शेयर करते हुए भारत की तारीफ की।
'वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स' के आंकड़ों में राहत
उन्होंने ट्वीट में कहा, "शाबाश भारत, खाद्य महंगाई को बहुत अच्छी तरह से मैनेज करने के लिए (ऐसे कठिन वैश्विक समय में!)"। उन्होंने 'वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स' द्वारा ट्वीट किए गए खाद्य मुद्रास्फीति के आंकड़ों को जोड़ा, जिसमें कई देशों के महंगाई दर के बारे में बताया है। भारत उन छह देशों में शामिल है, जो सूची के निचले आधे हिस्से में हैं, जिनकी खाद्य मुद्रास्फीति पांच प्रतिशत से कम है।












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