World AIDS Day: ओडिशा में गंजम एचआईवी पॉजिटिव केसों के मामले में टॉप पर है
दुनिया भर में आज 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जा रहा है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य एचआईवी संक्रमण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। इसके अलावा 2023 तक एड्स को समाप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने में आने वाली चुनौतयों पर विचार किया जाए। इसके साथ ही सभी के प्रयासों को संयुक्त करके दोगुना किया जा सके ताकि सफलता सुनिश्ति की जा सके। विश्व एड्स दिवस एचआईवी और एड्स के खिलाफ लड़ाई में लोगों को एकजुट करने का एक वैश्विक आंदोलन है।

जहां तक ओडिशा राज्य का सवाल है यहां पर 1988 से अब तक राज्य में कुल 60,886 एचआईवी पॉजिटिव लोग पाए गए थे, इनमें से 47390 मरीज़ों को एंटी-रेट्रोवायरस थेरेपी (एआरटी) के तहत रजिस्टर्ड किए गए थे। ओडिशा एचआई के मामले में अभी भी लो प्रीविलेज कैटेगरी में है क्योंकि संक्रतिमतों की संख्या 50,000 से कम है वहीं महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य हाई प्रीविलेज कैटेगरी प्राप्त राज्यों में से हैं।
रिपोर्ट के अनुसार ओडिशा में हर साल 3,000 से 5,000 एचआईवी पॉजिटिव मरीज पाए जा रहे हैं। वहीं गंजम जिले में एचआईवी पॉजिटिव मामलों की संख्या सबसे अधिक है। गंजम में राज्य के कुल मरीजों में अकेले जिले का 33 प्रतिशत हिस्सा है। इसके बाद कटक का स्थान है।
जबकि केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित एड्स जागरूकता अभियान मुख्य रूप से ओडिशा में चलाया जा रहा है। ओडिशा राज्य एड्स जागरूकता नियंत्रण समिति NACO की मदद से 2004 से राज्य में जागरूकता कार्यक्रम चला रही है।
इसके अलावा सरकार के एनआईडीएएन में फ्री बल्ड टेस्ट यिका जा रहा है और निरामय सेंट्रल हॉस्पिटल में फ्री दवाएं दी जा रही है। ओएसएसीएस अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा, एआरटी के साथ पंजीकृत मरीजों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत कवर किया जा रहा है।
वहीं विश्व स्तर की बात की जाए तो 38 मिलियन लोग एचआईवी वायरस के साथ जी रहे हैं। पिछले 40 वर्षों में एचआईवी या एड्स से संबंधित बीमारियों से 35 मिलियन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, ये इतिहास की सबसे विनाशकारी महामारियों में से एक बन गई है।












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