Work Life Balance: 'मैं समय और घंटों को लेकर...', 90 घंटे काम वाली बहस पर बोले आकाश अंबानी
Work Life Balance: देश में काम के घंटे को लेकर चल रहे विवाद के पर अब रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन अकाश अंबानी ने बयान दिया है। शुक्रवार (28 फरवरी) को मुंबई टेक वीक इवेंट में अकाश अंबानी ने काम करने के घंटे को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दिया।
जिसकी चर्चा अब चारों ओर हो गई है। साथ अनंत अंबानी के बयान के बाद एक बार फिर L&T के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर S.N. सुब्रमण्यम और इंफोसिस (Infosys) के सह-संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति (N. R. Narayana Murthy) के पुराने बयान भी फिर से ताजे हो गए हैं।

आकाश अंबानी ने क्या कहा?
शुक्रवार को मुंबई टेक वीक इवेंट के दौरान ड्रीम 11 के CEO, हर्ष जैन ने आकाश अंबानी से इसको लेकर सवाल पूछा। अनंत अंबानी ने इसके जवाब में कहा कि, मैं काम के समय को लेकर ज्यादा नहीं सोचता। यह महत्वपूर्ण है कि आप हर दिन जो काम करते हैं, उसकी गुणवत्ता कैसी है।
उनसे क्या पूछा गया था सवाल?
ड्रीम 11 के CEO, हर्ष जैन ने आकाश अंबानी से पूछा था कि,'वे 8 बजे सुबह से 5 बजे शाम तक काम करना पसंद करेंगे या फिर 5 बजे शाम से 8 बजे सुबह तक? इस पर अकाश ने कहा, 'मैं समय और घंटों को लेकर नहीं सोचता, यह महत्वपूर्ण है कि आप हर दिन जो काम करते हैं उसकी गुणवत्ता कैसी है।'
काम के घंटे को फिर चर्चा शुरू
आकाश अंबानी के इस बयान के बाद एक बार फिर काम के घंटे को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। लोग सोशल मीडिया पर L&T के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर S.N. सुब्रमण्यम और इंफोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति को फिर से ट्रोल करने लगे हैं।
S.N. सुब्रमण्यम ने क्या कहा था ?
लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर S.N. सुब्रमण्यम ने कुछ दिन पहले लंबे कार्य घंटों को लेकर एक बयान दिया था जिस पर विवाद छीड़ गया था। उन्होंने कहा था कि, एक व्यक्ति को हफ्ते में 90 घंटे तक काम करना चाहिए। उनका बस चले तो संडे को भी काम करना अनिवार्य कर देना चाहिए।
नारायण मूर्ति ने क्या कहा था?
वहीं S.N. सुब्रमण्यम से पहले इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति ने 2024 के अक्टूबर में एक बयान दिया था, जिसने उन्होंने कहा था कि भारत की कार्य संस्कृति को बदलने की आवश्यकता है और युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
मूर्ति के इस बयान ने वर्क लाइफ बैलेंस और कार्य घंटे के मुद्दे पर व्यापक चर्चा शुरू कर दी। उनके इस बयान ने न केवल उद्योग जगत में, बल्कि आम जनता में भी आलोचनाओं का सामना किया। लोगों ने इसे काम और जीवन के संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाला करार दिया।
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