Women Day 2025: मोदी सरकार इस खास अंदाज में मनाएगी इस साल महिला दिवस, जानिए क्या है थीम?
Womens Day 2025: महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने गुरुवार को घोषणा की कि सरकार 8 मार्च को 'नारी ''नारी शक्ति से विकसित भारत'' थीम पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाएगी। अन्नपूर्णा देवी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि 8 मार्च को दिल्ली विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में एक राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
डब्ल्यूसीडी मंत्रालय ने राष्ट्रीय, जातीय, भाषाई, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक सीमाओं के पार महिलाओं की उपलब्धियों को पहचानने के वैश्विक अवसर के रूप में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर जोर दिया। अन्नपूर्णा देवी ने कहा, "सरकार 8 मार्च को नारी शक्ति के साथ विकसित भारत की थीम पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाएगी, जिसे राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी।"

आखिर क्यों खास है इस साल महिला दिवस?
डब्ल्यूसीडी मंत्रालय ने बयान में यह भी कहा गया है कि 2025 के महिला दिवस का विशेष महत्व है क्योंकि यह बीजिंग घोषणा और कार्रवाई के मंच की 30वीं वर्षगांठ है। बयान में कहा गया है, "घोषणापत्र ने कानूनी सुरक्षा, सेवाओं तक पहुंच, युवाओं की भागीदारी और पुराने सामाजिक मानदंडों और रूढ़ियों को खत्म करने में प्रगति को गति दी है। भारत में, सरकार कई नीतियों, योजनाओं और विधायी उपायों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण और लैंगिक समानता की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।"
पीएम मोदी ने महिला दिवस पर महिलाओं से की ये खास अपील?
बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले एक विशेष पहल में भारत भर की महिलाओं को नमो ऐप ओपन फोरम पर अपनी प्रेरक जीवन यात्रा साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विविध पृष्ठभूमि की महिलाओं की दृढ़ता और उपलब्धियों की प्रशंसा की और घोषणा की कि चुनिंदा महिलाएं 8 मार्च को उनके सोशल मीडिया अकाउंट को संभालेंगी ताकि उनकी आवाज और अनुभवों को बढ़ाया जा सके।
मंत्रालय ने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई पहलों की रूपरेखा भी बनाई। इसमें कहा गया है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 जैसे कार्यक्रमों ने शिक्षा में लैंगिक समानता में काफी सुधार किया है।
उच्च शिक्षा में महिला नामांकन 2.07 करोड़ तक पहुंच गया है, जो कुल नामांकन का लगभग 50 प्रतिशत है। इसमें कहा गया है कि विज्ञान ज्योति और ओवरसीज फेलोशिप योजना जैसी पहल लड़कियों के लिए STEM शिक्षा को बढ़ावा देती हैं। बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) और पोषण अभियान जैसी योजनाओं ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार किया है।
इसमें कहा गया है कि मातृ मृत्यु दर (MMR) घटकर 97 प्रति लाख जीवित जन्म हो गई है और महिलाओं की जीवन प्रत्याशा बढ़कर 71.4 वर्ष हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना और मुद्रा योजना जैसी वित्तीय समावेशन पहलों ने महिला उद्यमियों को सशक्त बनाया है और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी हैं।












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