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सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ 'केरल बंद' से RSS ने बनाई दूरी

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    नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सबरीमाला मंदिर के दरवाजे महिलाओं के लिए खोलने की मांग के खिलाफ केरल में बुलाए गए बंद से अपनी दूरी बना ली है। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ अयप्पा सेना ने सोमवार को केरल बंद का आह्वान किया है। आरएसएस नेता पी गोपालनकुट्टी मास्‍टर ने कहा कि अयप्पा सेना को आरएसएस का हिस्सा समझने की गलतफहमी के कारण ऐसा फैसला करना पड़ा है।

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    Women’s Entry in Sabarimala: RSS Distances Itself from kerala bandh

    पी गोपालनकुट्टी मास्‍टर ने कहा कि सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा ऐसा नहीं है कि सड़क पर उतरा जाए। आरएसएस को उम्‍मीद है कि सबरीमाला मंदिर को हर उम्र की महिला के लिए खोलने से पहले सुप्रीम कोर्ट आस्‍था और परंपराओं का ख्‍याल रखेगा। वहीं, आरएसएस के अलावा कई और संगठनों ने भी इस बंद से खुल को अलग रखा है जिनमें नायर सर्विस सोसायटी और एसएनडीपी भी शामिल हैं।

    वहीं, बंद को लेकर केरल सरकार ने कहा है कि वो कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटेगी। सुप्रीम कोर्ट में महलिओं के प्रवेश के अधिकार के मामले पर सुनवाई हो रही है, जिसपर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय बेंच जल्द ही अपना फैसला सुना सकती है। बता दें कि सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं को केवल पंबा तक ही जाने की अनुमति है।

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    English summary
    Women’s Entry in Sabarimala: RSS Distances Itself from kerala bandh

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