राज्यसभा में पेश हुआ महिला आरक्षण बिल, लोकसभा से लग चुकी है मुहर
Parliament Special Session: महिला आरक्षण बिल को गुरुवार शाम लोकसभा में पास करवा लिया गया था, ऐसे में अब उसे राज्यसभा में पेश किया गया है। यहां पर भी वो आसानी से पास हो जाएगा, क्योंकि चुनिंदा दलों को छोड़कर सभी पार्टियां उसके पक्ष में हैं।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार सुबह राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल को पेश किया। साथ ही उसके बारे में सदन में बताया। उन्होंने सभी सदस्यों से इस बिल के पक्ष में वोट करने की अपील की।

वहीं दूसरी ओर गुरुवार को इस बिल पर लोकसभा में वोटिंग हुई। इस दौरान इसके पक्ष में 454 वोट पड़े, जबकि विरोध में 2 वोट डाले गए। अब राज्यसभा से पेश होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। उनकी मंजूरी मिलने के बाद ये संवैधानिक रूप से वैध हो जाएगा। हालांकि इसे पूरी तरह लागू होने में कई सालों का वक्त लगेगा।
दरअसल जनगणना की तैयारी हो रही है। इसके बाद 2026 में परिसीमन किया जाएगा। सरकार के मुताबिक परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण फाइनल हो पाएगा।
किन दो सांसदों ने विरोध में डाला वोट?
लोकसभा में सिर्फ दो सांसदों ने इस बिल के विरोध में वोट डाला, ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि वो कौन से दो नेता हैं? आपको बता दें कि AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी इस बिल का खुलकर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने और उनकी पार्टी के सांसद सय्यद इम्तियाज ने इसके खिलाफ वोट डाला।
कितने प्रतिशत मिलेगा आरक्षण?
महिला आरक्षण बिल को मोदी सरकार ने नारी शक्ति बंदन अधिनियम बिल नाम दिया है। इसके तहत लोकसभा और सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। राज्यसभा और विधान परिषद में अभी आरक्षण का प्रावधान नहीं रखा गया है। वहीं इस 33 प्रतिशत में एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं के लिए भी आरक्षण का प्रावधान है। हालांकि कई दल इसमें ओबीसी और अल्पसंख्यकों के लिए भी कोटा मांग रहे।












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