सैन्य अस्पताल की महिला डॉक्टर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि, लखनऊ से लौटने के बाद हुई थी बीमार
नई दिल्ली। उत्तराखंड के देहरादून में गढ़ी कैंट स्थित सैन्य अस्पताल में तैनात एक महिला चिकित्सा अधिकारी को कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव पाया गया है। भारतीय सेना सूत्र से मिली जानकारी में बताया गया है कि महिला डॉक्टर के संपर्कों की पहचान की जा रही है। देहरादून में सभी प्राथमिक संपर्कों को घरेलू क्वारंटाइन में रखा गया है। बता दें कि इससे पहले राजस्थान से लौटे एक सूबेदार में कोरोना की पुष्टि हुई थी।

भारतीय सेना के सूत्रों ने कहा कि ऐसी कई मीडिया रिपोर्ट्स भी सामने आई है जिसमें कहा गया है कि लखनऊ में बड़ी संख्या में डॉक्टरों के प्राथमिक संपर्क सही नहीं हैं। भारतीय सेना के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यह स्पष्ट है कि मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार लखनऊ में कोई भी चिकित्सा अधिकारी उसके प्राथमिक संपर्को की श्रेणी में नहीं आता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोरोना पॉजिटिव पाई गई सेना की महिला डॉक्टर मार्च में ट्रेनिंग के लिए लखनऊ गई थी।
लखनऊ से वह नौ अप्रैल को देहरादून पहुंची थी। बाद से ही वह अपने आवास पर ही थी। सैन्य अफसर में कोरोना की पुष्टि होने पर हड़कंप मचा हुआ है। 15 अप्रैल को तबियत खराब होने के बाद महिला डॉक्टर ने खुद को सेना के अस्पताल में दिखाया था। वहं उनकी प्रारंभिक लक्षण मिलने पर उनका सैंपल जांच के लिए भेजा था। टेस्ट में महिला डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाई गई है।
उत्तराखंड पुलिस ने दान किए 3 करोड़ रुपए
उत्तराखंड पुलिस के डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने गुरुवार को कोरोना वायरस महामारी की लड़ाई के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में उत्तराखंड पुलिस की तरफ से 3 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी है। बता दें कि उत्तराखंड पुलिस ने अपने एक दिन का वेतन कोरोना से जंग के लिए दान किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड पुलिस के इस कदम की तारीफ की और कहा कि लॉकडाउन के दौरान पुलिस की भूमिका काफी सराहनीय रही है।
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