Woman Fighter Pilot: पाकिस्तान से जंग की आहट के बीच 29 साल की महिला पायलट को मिली राफेल की कमान
Woman Fighter Pilot: पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान की सीमाओं पर तनाव का माहौल है। दोनों देशों में युद्ध जैसे हालात हैं इसी बीच भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 29 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह को अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल की कमान सौंपी गई है।
यह न केवल सैन्य दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण फैसला है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है जो अब युद्धक अभियानों की अग्रिम पंक्ति में दिखाई दे रही हैं।

Woman Fighter Pilot: राफेल उड़ाएगी 'भारत की बेटी'
राफेल की गरजती उड़ानों के बीच एक नाम जो आसमान से दुश्मन को नेस्तनाबूद करने का साहस रखता है वो नाम है फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह। एक इंटरव्यू में शिवांगी सिंह ने कहा था कि जब वह पहली बार कॉकपिट में बैठीं, तो दिल की धड़कनें तेज थीं। उन्होंने कहा था कि उस वक्त वह बेहद "नर्वस और चिंतित" थीं। लेकिन वह पल, जब उन्होंने अकेले विमान उड़ाया, हमेशा के लिए उनकी यादों में बस गया। वो अनुभव बहुत ही रोमांचक था।"
2023 के सरकारी आंकड़ों की मानें ते भारतीय वायुसेना में 1,600 से अधिक महिला अधिकारी कार्यरत हैं, और शिवांगी उन्हीं बहादुर महिलाओं में से एक हैं जो फाइटर पायलट की जिम्मेदारी निभा रही हैं। शिवांगी की यह उड़ान सिर्फ एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि भारतीय महिलाओं की बदलती उड़ान का प्रतीक बन चुकी है।
बनारस में पली-बढ़ी शिवांगी सिंह 2017 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुईं थीं। वह मिग-21 बाइसन उड़ाने वाली पहली महिला पायलट हैं। उनकी राफेल स्क्वाड्रन में पोस्टिंग महिला सैन्य अधिकारियों के लिए मील का पत्थर है, क्योंकि यह भारतीय वायुसेना के सबसे शक्तिशाली और आधुनिक जंगी विमानों में से एक है।
Woman Fighter Pilot: अब अंतरिक्ष की ओर उड़ान
भारत की पहली महिला फाइटर पायलट शिवांगी सिंह के सपने सिर्फ राफेल तक सीमित नहीं हैं। भारत की पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन "गगनयान" की तैयारियों के बीच, उन्होंने टेस्ट पायलट बनने के लिए आवेदन किया है जो अंतरिक्ष यात्री बनने की दिशा में पहला कदम माना जाता है।
समाचार एजेंसी के मुताबिक, शिवांगी कहती हैं, "मुझे अंतरिक्ष यात्री बनना है। अगर मैं एक ऐसा क्षेत्र छू सकी जो लंबे समय तक सिर्फ पुरुषों के लिए माना जाता था, तो महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में काम कर सकती हैं।"
Woman Fighter Pilot: क्या है लड़ाकू विमान राफेल
राफेल, फ्रांस द्वारा निर्मित मल्टीरोल लड़ाकू विमान है जो भारत की वायुशक्ति को एक नई ऊंचाई पर ले गया है। यह विमान परमाणु हथियारों के ले जाने में सक्षम है जो हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाले हथियारों से लैस है और किसी भी मौसम में उड़ान भर सकता है।
पाकिस्तान और चीन से लगती सीमाओं पर बार-बार हो रहे तनाव के बीच राफेल की मौजूदगी भारतीय वायुसेना को निर्णायक बढ़त प्रदान करती है। ऐसे में शिवांगी सिंह जैसी सक्षम महिला पायलट की तैनाती यह दर्शाती है कि भारत न केवल तकनीकी रूप से सशक्त हो रहा है, बल्कि लैंगिक समावेशन की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है।
Woman Fighter Pilot: सीमा पर बदलती महिलाओं की भूमिका
हाल के वर्षों में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। अब महिला अधिकारी स्थायी कमीशन, युद्धपोतों पर तैनाती और लड़ाकू विमानों की कमान संभाल रही हैं। शिवांगी सिंह इस परिवर्तन का सशक्त प्रतीक बनकर उभरी हैं।
उनका कहना है, "वर्दी पहनने का सपना मेरा बचपन से था। अब जब मैं राफेल उड़ाने जा रही हूं, तो यह न केवल मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि देश की सभी लड़कियों के लिए एक संदेश है कि अगर सपना बड़ा है, तो रास्ते खुद बनते हैं।"












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