शादियों के सीजन में क्या बढ़ेगा कोरोना वायरस का खतरा? सर्वे में हुआ खुलासा
सर्वे के मुताबिक, नवंबर-दिसंबर के महीने में हर 10 में से 6 लोगों के शादियों में शामिल होने की संभावना है।
नई दिल्ली, 23 नवंबर: देश में शादियों का सीजन चल रहा है और कई राज्यों में मेहमानों की संख्या पर लगे प्रतिबंध हटने के बाद विवाह समारोहों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। 'लोकल सर्किल्स' के एक नए सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि नवंबर-दिसंबर के महीने में हर 10 में से 6 लोगों के शादियों में शामिल होने की संभावना है। सर्वे के आंकडो़ं में विशेष तौर पर यह भी बताया गया है कि शादियों में शामिल हो रहे लोगों के बीच मास्क और सोशल डिस्टेसिंग जैसे कोरोना से बचाव के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।

14 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच दिल्ली में 1.5 लाख शादियां
सर्वे के इन नतीजों ने देश में सर्दी के मौसम में कोरोना वायरस के खतरे को बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि 2020 में कोरोना वायरस महामारी के चलते मेहमानों की संख्या सीमित कर दी गई थी, जिसके बाद ऐसे बहुत सारे लोगों की प्लानिंग पर पानी फिर गया, जो अपनी शादियों को भव्य बनाना चाहते थे। हालांकि इस साल कोरोना वायरस के मामले घटने के बाद से लोगों में शादियों को लेकर काफी उत्साह दिख रहा है। व्यापार से जुड़े संगठनों को उम्मीद है कि अकेले दिल्ली में ही 14 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच करीब 1.5 लाख शादियां हो सकती हैं। इसके अलावा व्यापारी संगठनों ने पूरे देश में इस दौरान 25 लाख शादियां होने का अनुमान लगाया है।

महामारी से पहले के स्तर पर लौटी वेन्यू बुकिंग
दरअसल, विशेषज्ञों ने अनुमान जताया था कि सितंबर-अक्टूबर के महीने में देश के भीतर कोरोना वायरस की तीसरी लहर दस्तक दे सकती है। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और कोरोना वायरस के मामलों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। संक्रमण के मामले घटने के बाद कई राज्यों ने कोरोना वायरस से बचाव के नियमों में छूट देते हुए विवाह समारोहों में मेहमानों की संख्या पर लगे प्रतिबंध को भी हटा दिया। इसी का नतीजा है कि कई रिपोर्ट में ये बात बताई गई है कि दिल्ली-एनसीआर में शादी के वेन्यू की बुकिंग एक बार फिर से कोविड महामारी से पहले के स्तर पर लौट आई है।

कोविड प्रोटोकॉल को लेकर लोगों की लापरवाही बढ़ी
आपको बता दें कि हाल ही में 'लोकल सर्किल्स' के एक सर्वे में बताया गया था कि त्योहारी सीजन के दौरान मास्क और सोशल डिस्टेसिंग के नियमों में लोगों की लापरवाही ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि कोरोना वायरस के खिलाफ देश में टीकाकरण लगातार बढ़ रहा है, लेकिन वैश्विक तौर पर कई रिसर्च में ये बात कही गई है की कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के 9 महीने बाद लोगों की इम्युनिटी घटनी शुरू हो जाती है।
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