कर्नाटक के कालेजों में हिजाब पर लगे प्रतिबंध को क्या हटाया जाएगा? जानिए शिक्षा मंत्री का जवाब
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार कालेल में छात्राओं के हिजाब पछली भाजपा सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को क्या हटाने जा रही है? इस सवाल के जवाब में जानिए कर्नाटक के नए शिक्षा मंत्री ने क्या जवाब दिया?

कर्नाटक में पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में शैक्षणिक संस्थानों में कक्षा के अंदर छात्राओं के हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया था। जिसको लेकर प्रदेश भर में जमकर विरोध-प्रदर्शन और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई थी। वहीं अब जब कर्नाटक में चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी की बहुमत की सरकार बन चुकी है तो पिछली भाजपा सरकार द्वारा कालेजों में छात्राओं के हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध को वापस लिए जाने की मांग हो रही है। हिजाब पर प्रतिबंध हटाने की मांग कांग्रेस सरकार के शिक्षा मंत्री मधु बंगरप्पा से की गई है। आइए जानते हैं कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने हिजाब पर लगे प्रतिबंध को हटाने को लेकर क्या कहा?
सीएम से शिक्षाविदों ने की मुलाकात
बता दें एक दिन पहले पूर्व भाजपा सरकार द्वारा पाठ्यपुस्तकों में बदलाव और शैक्षिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया में शिक्षाविदों ने मुलाकात की थी और विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सीएम को सौंपा।
शिक्षामंत्री ने हिजाब पर प्रतिबंध हटाने पर क्या कहा?
सीएम से शिक्षाविदों के साथ मुलाकात के एक दिन बाद, राज्य के शिक्षा मंत्री मधु बंगरप्पा ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस सरकार एक ऐसा निर्णय लेगी जिससे सभी छात्रों को लाभ होगा।
हम ऐसा फैसला लेंगे जिससे सभी छात्रों को फायदा होगा
कर्नाटक के शिक्षामंत्री ने कहा हिजाब विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि ये मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है और कानून विभाग इसे कानूनी रूप से लड़ेगा। इस पर आगे हमारा टिप्पणी करना गलत होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा इस मामले में हम ऐसा फैसला लेंगे जिससे सभी छात्रों को फायदा होगा।
इसमें कोई गलती नहीं होनी चाहिए
कांग्रेस की घोषणापत्र समिति के उपाध्यक्ष रहे बंगारप्पा ने कहा 'हम पहले ही कह चुके हैं कि छात्र स्कूलों में पढ़ने के लिए आते हैं, हम नहीं चाहते कि इसमें कोई बाधा आए और इसमें कोई गलती नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में सरकार का हिस्से के तौर पर मैं या अधिकारी या सिस्टम हम प्रतिबद्ध हैं।
30 शिक्षाविदों ने सीएम ने सीएम को ज्ञापन सौंपा
गौरतलब है कि दो दिन पहले कर्नाटक के लगभग 30 शिक्षाविदों ने बेंगलुरु में सीएम सिद्धारमैया से मुलाकात की और शिक्षा क्षेत्र में सुधार समेत अन्य मांगों को लेकर सीएम सिद्धारमैया को एक ज्ञापन सौंपा । जिसमें ये भी दावा किया गया कि कर्नाटक में हिजाब विवाद के कारण हजारों लड़कियां शिक्षा से वंचित हैं।
जानें कैसे और कब कर्नाटक में शुरू हुआ था ये हिजाब विवाद
याद रहे दिसंबर 2021 में कर्नाटक में ये हिजाब विवाद तब शुरू हुई जहा राज्य के उडुपी जिले के एक सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज के छह छात्रों ने हेडस्कार्फ़ पहनने के लिए कक्षाओं में जाने से रोका गया, जिसका छात्राओं ने विरोधी किया। तत्तकालीन भाजपा की बोम्मई सरकार ने कालेज मे हिजाब पर प्रतिबंध लगा दिया था। छात्राओं के कक्षाओं में हिजाब पहनकर प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के बाद ये विवाद इतना बढ़ा कि 31 जनवरी वर्ष 2022 को ये मामला कर्नाटक उच्च न्यायालय पहुंचा।
कोर्ट में विचाराधीन है अभी ये मामला
इस केस में सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि हिजाब इस्लाम के अभ्यास के लिए आवश्यक नहीं है, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में इस मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश धनंजय वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली पीठ को भेज दिया था।












Click it and Unblock the Notifications