बिहार फिर बनेगा देश की राजनीति का केंद्र? विपक्षी दलों की बैठक के बाद नड्डा-शाह भी पहुंचेंगे
इस महीने बिहार से देश की नई राजनीति की दिशा तय हो सकती है। आने वाले दिनों में बिहार एक बार फिर से देश की सियासत का केंद्र बनता नजर आ रहा है। 23 जून को करीब 16 विपक्षी पार्टियां महाबैठक में शामिल होने का ऐलान कर चुकी हैं। उसके बाद बीजेपी के कई दिग्गजों के भी वहां का दौरा होने वाला है।
पटना में 23 जून को बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने वाली बैठक के अगले ही दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बिहार पहुंच रहे हैं। उनके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का भी बिहार दौरा होने जा रहा है।

दिल्ली में हुई बिहार बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक
पटना में होने वाली विपक्ष की बैठक से पहले बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के आवास पर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के लिए बिहार बीजेपी कोर ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जेडीयू के एनडीए से हटने के बाद भी कुछ उपचुनावों में बीजेपी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है।
गिरिराज सिंह के घर हुई बैठक में बिहार में पार्टी के प्रभारी विनोद तावड़े, सह-प्रभारी हरीश द्विवेदी, सह-प्रभारी सुनील ओझा, संगठन मंत्री भीखूभाई दलसानिया, क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी, बिहार विधानसभा में विरोधी दल के नेता विजय सिन्हा, राज्यसभा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सांसद सुशील मोदी के अलावा संजय जायसवाल और मंगल पांडे जैसे नेता भी मौजूद थे।
नड्डा और शाह जाएंगे बिहार
इस बैठक के बाद सम्राट चौधरी ने कहा, 'नड्डाजी 24 जून को झंझारपुर जाएंगे और अमित शाहजी 29 जून को मुंगेर का दौरा करेंगे।' बीजेपी के बड़े नेताओं का बिहार दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर हो रहा है। इससे पहले चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी बिहार में रैली आयोजित करने की बात कह चुके हैं, हालांकि अभी उसका कोई पुख्ता कार्यक्रम तय नहीं है।
विपक्ष की बैठक से पहले नीतीश को लगा है मांझी का झटका
बीजेपी के बड़े नेताओं का बिहार दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के एकमात्र मंत्री और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन ने नीतीश कुमार की सरकार से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद मांझी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
शाह से पहले ही मिल चुके हैं मांझी
मांझी की पार्टी 18 जून को अपने अगले रास्ते का ऐलान करने वाली है। हालांकि, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संस्थापक ने एनडीए में जाने का इरादा साफ नहीं किया है, लेकिन गृहमंत्री शाह से हाल ही में उनकी मुलाकात हो चुकी है और उसी के बाद से नीतीश के साथ उनके संबंधों में फिर से तल्खी आ गई है।
एनडीए में जा सकते हैं मांझी
मांझी बिहार में मुसहर जाति के नेता माने जाते हैं, जो कि अनुसूचित जाति है। राज्य में इसकी जनसंख्या को लेकर जो अलग-अलग आंकड़े हैं, वह 25 से 30 लाख के बीच बताए जाते हैं। राज्य के कुछ विधानसभा सीटों पर इसका प्रभाव है। अगर जीतन राम मांझी वापस एनडीए में आते भी हैं तो राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा को इसका ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन, विपक्षी एकजुटता के लिए यह बहुत बड़ा झटका जरूर हो सकता है।












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