राहुल गांधी ने की थी वायनाड भूस्खलन को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने की मांग, अब खुद उनके लिए ये बनी मुसीबत
Rahul Gandhi News: वायनाड भूस्खलन में अब तक 400 से अधिक लोग मारे गए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से केरल के वायनाड भूस्खलन को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की थी। अब इस मामले में खुद राहुल गांधी फंस गए हैं। आइए जानें कैसे?
असल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के एक मंत्री द्वारा 2013 में संसद में दिए गए जवाब से पता चलता है कि केंद्र सरकार के नियमों के तहत "राष्ट्रीय आपदा" की कोई अवधारणा मौजूद नहीं है।

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विपक्ष पर निशाना साधते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता वी मुरलीधरन ने अपने सोशल मीडिया पर यूपीए सरकार में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन द्वारा दिए गए बयान को शेयर किया है है, जिसमें ये बताया गया था कि, सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत ऐसी कोई भी अवधारणा मौजूद नहीं है, जिसकी वजह से ''प्राकृतिक आपदा'' को ''राष्ट्रीय आपदा'' घोषित किया जाए।
मोदी सरकार ने विपक्ष को दिया ये जवाब
भाजपा ने 2019 और 2024 में वायनाड से लोकसभा के लिए चुने गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्ष के सभी नेताओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के तहत ऐसी अवधारणा मौजूद नहीं है, यह नीति यूपीए सरकार के कार्यकाल से अपरिवर्तित है।
2013 के एक संसदीय दस्तावेज से पता चलता है कि तत्कालीन गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा था कि "प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है।''
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पूर्व केंद्रीय मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा, "केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत 'राष्ट्रीय आपदा' की अवधारणा मौजूद नहीं है, यह तथ्य यूपीए सरकार के कार्यकाल से ही है। यह बात तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने 6 अगस्त,2013 को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में स्पष्ट रूप से कही थी।"
उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर आवश्यक बचाव और राहत उपाय करने के लिए संबंधित राज्य सरकारें मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।
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