शताब्दी एक्सप्रेस में 'एक अखबार' देखकर क्यों भड़की महिला पैसेंजर, IRCTC को देनी पड़ी सफाई
बेंगलुरु, 22 अप्रैल: बेंगलुरु-चेन्नई शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन में अपनी सीट पर एक अखबार देखकर एक महिला यात्री ऐसी भड़की कि उसका ट्विटर मैसेज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। आखिरकार ना सिर्फ इस मामले में आईआरसीटीसी को सफाई देनी पड़ी और भविष्य में गलती दोबारा नहीं होने का आश्वासन देना पड़ा, बल्कि चेन्नई के डीआरएम ने भी यकीन दिलाया कि उनके बेंगलुरु के समकक्ष इसपर उचित ऐक्शन जरूर लेंगे। जिस अखबार को लेकर यह विवाद हुआ है, उसका नाम है- 'दि आर्यावर्त एक्सप्रेस'।

'पूरी तरह से प्रोपेगेंडा प्रकाशन'
बेंगलुरु-चेन्नई शताब्दी एक्सप्रेस में एक महिला पैसेंजर ट्रेन में चढ़ते ही सीट पर रखे एक अखबार को देखकर भड़क गई। उसने तुरंत प्रतिक्रिया दिखाते हुए आईआरसीटीसी को टैग करते हुए ट्वीट किया, 'पूरी तरह से प्रोपेगेंडा वाला प्रकाशन' है। उसके एक ट्वीट भर से इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन हरकत में आ गया और उसने अपनी ओर से सफाई देकर महिला को संतुष्ट कराने की कोशिश की। महिला ने ट्वीट में लिखा है, 'आज सुबह में बेंगलुरु शताब्दी एक्सप्रेस में चढ़ी तो स्वागत में हर दूसरी सीट पर सिर्फ पूरी तरह से प्रोपेगेंडा प्रकाशन- दि आर्यावर्त एक्सप्रेस रखा हुआ देखा। कभी इसके बारे में सुना भी नहीं था। आईआरसीटीसी ऑफिशियल इसकी इजाजत कैसे दे रहे हैं??' 'ट्वीट करने वाली पैसेंजर गोपिका बाशी बेंगलुरु की रहने वाली हैं।

अखबार के अंदर इंसर्ट किया गया था-आईआरसीटीसी
इसके जवाब में भारतीय रेलवे की कंपनी आईआरसीटीसी ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया, 'आर्यावर्त एक्सप्रेस नियमित तौर पर स्वीकृत किए गए न्यूज पेपर के अंदर इंसर्ट किया गया था। अखबार के वेंडर को सख्ती से बता दिया गया है कि भविष्य में इस तरह से अंदर इंसर्ट ना करें। ट्रेन के निगरानी स्टाफ अब इसपर सख्ती से नजर रखेंगे। ट्रेन के लाइसेंसधारी को भी यह बात बता दी गई है।' इसपर अपने जवाब में गोपिका ने लिखा कि 'आईआरसीटीसी ऑफिशियल जवाब के लिए धन्यावाद, लेकिन निश्चित रूप से इसे अखबार के अंदर डाला नहीं किया था। जब मैं पहुंची तो यह मेरी सीट पर और कई सीटों पर भी था। जब में चढ़ी तो मेरी सीट पर यह था। डेक्कन हेराल्ड (अंग्रेजी) दूसरी सीट पर था।'

डीआरएम चेन्नई को भी देना पड़ा जवाब
जानकारी के मुताबिक आईआरसीटीसी ने इस क्षेत्र की ट्रेनों के लिए सिर्फ अंग्रेजी के डेक्कन हेराल्ड और एक स्थानीय अखबार, इन्हीं दोनों प्रकाशनों को ट्रेनों में बांटने की मंजूरी दी हुई है। सिर्फ आईआरसीटीसी के लाइसेंसधारक ही ट्रेनों में इन्हें वितरित कर सकते हैं। लेकिन, गोपिका और आईआरसीटीसी से बीच इस सवाल-जवाब के बीच वह ट्वीट वायरल हो गया और एक यूजर ने इस मामले को डीआरएम चेन्नई को भी टैग करके पूछ लिया। इसपर डीआरएम चेन्नई ने उस यूजर को जवाब दिया कि 'डीआरएम बेंगलुरु इस मामले की जांच कर रहे हैं, क्योंकि ट्रेन बेंगलुरु डिविजन की है और घटना वहीं की है। हमें पूरा यकीन है कि वह उचित कार्रवाई करेंगे।'
महिला यात्री का ट्वीट हुआ वायरल
लेकिन, यह विवाद तूल पकड़ चुका है। एक स्वतंत्र पत्रकार रोहिणी मोहन ने गोपिका के ट्वीट को रेल मंत्रालय और डीआरएम चेन्नई को टैग करते हुए रिट्वीट कर पूछा, 'क्या आईआरसीटीसी ऑफिशियल सच में यात्रियों को अखबार के नाम पर इस चिथड़े को बांट रहा है? इसमें कोई बायलाइंस नहीं हैं, फेक न्यूज है, इसकी वेबसाइट पर कोविड की खतरनाक गलत सूचना है और बेंगलुरु नंबर पर इनकमिंग कॉल बंद (मैंने कॉल किया था) किया हुआ है।' उधर कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने भी इस विवाद पर ट्वीट किया है।












Click it and Unblock the Notifications