देश में कोरोना से मौत का एक दिन में क्यों टूट गया सारा रिकॉर्ड ? जानिए
नई दिल्ली, 10 जून: देश में कोरोना वायरस को दस्तक दिए हुए 17 महीने गुजर चुके हैं। पहली लहर के मुकाबले इस अदृश्य वायरस ने दूसरी लहर में कहीं ज्यादा कहर बरपाया है। लेकिन पिछले करीब एक महीने से इस लहर की रफ्तार भी थम चुकी है और अब रोजाना के संक्रमण की संख्या पिछले लहर के उच्चतम स्तर से भी नीचे जाने लगी है। लेकिन, बुधवार को देश में कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े में अचानक इतना ज्यादा इजाफा हो गया, जितना अबतक कभी नहीं हुआ था। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को देश में कोविड से कुल 6,148 लोगों की मौत हो गई।

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बिहार ने अपने आंकड़े ठीक किए, देश का रिकॉर्ड टूट गया
देश में कोविड से हुई मौत के आंकड़े में एक दिन में इतना ज्यादा उछाल इसलिए आया है, क्योंकि बिहार ने बुधवार को अपने आंकड़े में इस बीमारी से पहले हो चुकी मौतों में करीब 4,000 मौत के आंकड़े और जोड़ दिए हैं। इसका असर ये हुआ है कि बिहार में कोरोना से अबतक हुई कुल मौतें करीब दोगुनी तो हो ही गई हैं, देश में भी एक दिन में इस बीमारी से हुई मौतों का सारा रिकॉर्ड टूट गया है। बुधवार को देश में कुल 6,148 मौत दर्ज की गई, इसमें अकेले बिहार में हुई मौत की संख्या 3,951 है। बिहार में यह आंकड़ा इसलिए बढ़ा है, क्योंकि पहले हुई कई मौतों को वहां अबतक जोड़ा ही नहीं गया था। राज्य ने पहली बार अपने ये आंकड़े ठीक किए हैं, इसलिए संभव है कि इनमें से कई मौत पिछली लहर में ही हो चुकी हों। महाराष्ट्र में यह प्रक्रिया अक्सर चलती रहती है और कई बार उसके रोजाना के आंकड़ों में पिछले कई हफ्तों की संख्या जोड़ दी जाती है।
बिहार में कोरोना से मौतों की संख्या करीब दोगुनी हुई
बुधवार को कोविड से हुई मौतों के आंकड़े ठीक करने के बाद बिहार में इसकी वजह से हुई मौतों की कुल संख्या 9,429 तक पहुंच चुकी है, जो कि देश में 12वें स्थान पर है। बड़ी बात ये है कि मौतों की जितनी संख्या बढ़ाई गई है, पहले उन्हें कोविड से रिकवर हुए मरीजों में गिना जा रहा था। इसका परिणाम ये हुआ है कि बुधवार को वहां कोविड से स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या माइनस में चली गई। हालांकि, बिहार में हुए आंकड़े के बदलाव से एक दिन में देश में हुई कोविड से मौत का रिकॉर्ड तो जरूर टूट गया है, लेकिन इससे केस फैटिलिटी रेट (सीएफआर) पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। बुधवार को यह 1.23 फीसदी थी, जबकि पहले ये 1.22 फीसदी दर्ज की गई थी। लेकिन, बिहार की अपनी सीएफआर लगभग दोगुनी हो गई है। यह पहले 0.76 फीसदी थी और अब बढ़कर 1.32 फीसदी हो चुकी है। वैसे बिहार में जोड़े गए अतिरिक्त मौतों की संख्या को घटा दें तो देश में बुधवार को मौत का आंकड़ा सिर्फ 2,197 रह जाता है, जो कि पिछले दो हफ्तों से चल रहे गिरावट के ट्रेंड के मुताबिक है। इस तरह से देश में कोरोना से हुई कुल मौतों की संख्या अब 3.59 लाख से ज्यादा हो चुकी है, जिनमें से करीब 2 लोगों की मृत्यु अप्रैल से अबतक दूसरी लहर के दौरान हुई है।












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