चीन के विदेश मंत्री वैंग यी 8 जून को भारत आएंगे, नरेंद्र मोदी व सुषमा से करेंगे मुलाकात

नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के दौरान ही सार्क के सभी 8 देशों को भी भारत बुला लिया। उसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भी न्यौता देकर मोदी ने अपनी और भारत की याक्ति का परिचय दे दिया। यह सभी घटनाएं देखने और कहने में तो छोटी हैं लेकिन अंर्तराष्ट्रीय दुनिया में इसका बहुत महत्व है कि पड़ोसी देशों से संबंध कितने सुदृढ़ हैं। इन्हीं घटनाओं को देखने के बाद चीन को भी मजबूरी में ही फोन करना पड़ा।
नरेंद्र मोदी ने अपनी चुनावी रैलियों में कहा था कि पड़ोसी देशों से संबंध जिनते अच्छे होंगे विकास उतना ही बेहतर होगा। मोदी ने अपने मंत्रिमंडल को भी यही बात अच्छे से समझा दी है। यह कहना कतइ अतिश्योक्ति नहीं होगा कि मोदी एक कट्टर और बेबाक नेता हैं। मोदी इस बात को भलीभांति समझते हैं कि चीन से भारत को खतरा है। ऐसे में चीन के प्रधानमंत्री का मोदी को फोन करना एक बेहतर शुरुआत समझा जा सकता है।












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