'मुझे ऐसा कोई वकील नहीं चाहिए, जो', आखिर वकील लेने से तहव्वुर राणा ने क्यों किया मना? जज ने क्या दिया आदेश
Tahawwur Rana Lawyer News: ''मुझे कोई भी ऐसा वकील नहीं चाहिए, जो मेरे जरिए, मेरे नाम का इस्तेमाल कर नाम और शोहरत कमाता हुआ नजर आए...'', ये गुजारिश 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने दिल्ली की कोर्ट से किया है। दिल्ली के कोर्ट ने तहव्वुर राणा के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और आदेश में कहा गया है कि 'जो भी वकील तहव्वुर राणा को दिया जाए...वे मीडिया से आरोपी के बारे में बात नहीं करेंगे।'
तहव्वुर राणा 16 साल बाद भारत की गिरफ्त में आया है। 64 साल के तहव्वुर राणा को 10 अप्रैल को स्पेशल विमान में टॉप सीक्रेट मिशन के तहत अमेरिका से भारत लाया गया। रात के 10 बजे औपचारिक रूप से गिरफ्तारी के बाद, उसे पटियाला हाउस स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 20 दिनों की हिरासत मांगी थी...हालांकि अदालत ने 18 दिन की हिरासत दी है।

तहव्वुर राणा को वकील दिए जाने के फैसले पर कोर्ट ने क्या कहा?
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक अपने आदेश में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एनआईए) चंदर जीत सिंह ने कहा,
"आरोपी (तहव्वुर राणा) ने कहा है कि ऐसा कोई वकील नहीं होना चाहिए, जो उसके जरिए नाम और शोहरत कमाता हुआ दिखाई दे। हालांकि, कानूनी सेवा वकील कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 में निहित वैधानिक योजना के मुताबिक मौजूद हैं, फिर भी आरोपी के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है और यह निर्देश दिया गया है कि कानूनी सेवा वकील इस मामले के आरोपी के बारे में मीडिया (प्रिंट/डिजिटल/इलेक्ट्रॉनिक) से बात नहीं करेंगे। यह भी निर्देश दिया गया है कि अगर कानूनी सेवा वकील का विवरण पहले से ही मीडिया को नहीं पता है, तो उन्हें मीडिया को नहीं बताया जाएगा।"
अपने आदेश में न्यायाधीश ने आगे लिखा, "चूंकि आरोपी (तहव्वुर राणा) ने अपने वकील को निर्देश देने के लिए कुछ सहायक उपकरणों तक पहुंच मांगी है, इसलिए आरोपी (तहव्वुर राणा) को अपने वकील के लिए निर्देश लिखने के लिए स्केच और कागज दिया जाएगा... 10 अप्रैल को रात करीब 11.50 बजे मौखिक सुनवाई पूरी होने के बाद 11 अप्रैल को सुबह करीब 2 बजे आदेश सुनाया जाएगा, जिसमें लिखावट, टाइपिंग और हस्ताक्षर होंगे।"
जहां पहले रखा गया था लॉरेंस बिश्नोई को, वहीं तहव्वुर राणा को भी रखा गया
तहव्वुर राणा को दिल्ली के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में आतंकवाद विरोधी एजेंसी के मुख्यालय के अंदर एयर कंडीशनिंग के साथ एक हाई सिक्योरिटी वाले सेल में रखा गया है, जहां गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को पहले रखा गया था।
लॉक-अप ग्राउंड फ्लोर पर है और सीआईएसएफ कर्मियों और दो एनआईए अधिकारियों द्वारा 24 घंटे इसकी सुरक्षा की जाती है। एक सूत्र ने कहा, "24×7 निगरानी रखी जा रही है, और राणा को कैंटीन से भोजन सहित बुनियादी जरूरतें दी जा रही है।" एनआईए कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।












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