Rahul Gandhi on Sikh: राहुल गांधी भारत के दुश्मन खालिस्तान समर्थकों का साथ क्यों देने लगे हैं?
Rahul Gandhi on Sikh: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका में सिखों को लेकर जो बयान दिया है, वह बहुत ही गंभीर और आपत्तिजनक है। क्योंकि, उन्होंने जो कुछ कहा है वह बहुत ही भड़काऊ तरह का है और उससे देश और देश के किसी भी नागरिक का भलाई नहीं होने वाला। यही वजह है कि देश में उनके बयान की कड़ी आलोचना हो रही है तो देश के दुश्मन उनकी शान में कसीदे पढ़ने लगे हैं।
दरअसल, अमेरिका दौरे पर गए कांग्रेस सांसद ने वर्जीनिया में एक कार्यक्रम के दौरान सिख युवकों को संबोधित करते हुए ये कह दिया कि क्या आपको सिख होने के नाते भारत में पगड़ी पहनने की अनुमति मिलेगी? आपको कड़ा पहनने की इजाजत होगी? क्या सिख गुरुद्वारा जा सकेंगे?

राहुल गांधी के मन में सिखों को लेकर खतरनाक सवाल कहां से आए?
सवाल है कि राहुल गांधी के मन में यह सवाल क्यों उठा? क्योंकि, देश में कम से कम आजादी के बाद ऐसी नौबत तो कभी नहीं आई। 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कि हत्या के बाद सिख-विरोधी दंगों को छोड़ दें तो जिस तरह का प्रश्न राहुल के दिल से उठा है, वैसे हालात तो कभी पैदा नहीं हुए और न ही दूर-दूर तक इसकी आशंका की कोई वजह नजर आ रही है।
तथ्य यह है कि 1984 में भी जो कुछ हुआ, उस समय राहुल के पिता राजीव गांधी के हाथों में ही सत्ता थी और देश के ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस की ही सरकारें थीं।
राहुल गांधी ने देश के दुश्मनों को खुश करने का काम किया है!
राहुल को अंदाजा हो या न हो, लेकिन उनके बयान ने खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों का हौसला जरूर बढ़ाने का काम किया है। प्रतिबंधित सिख आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू उनके बयान को 'साहसिक और अग्रणी' बताने में जरा भी देर नहीं की। उसने अपने बयान में कहा कि 'सिखों की मातृभूमि खालिस्तान की स्थापना के लिए राहुल की बातों से पंजाब की स्वतंत्रता के लिए जनमत संग्रह को लेकर सिख फॉर जस्टिस के रुख की पुष्टि करता है।'
'राहुल का बयान बेहद शर्मनाक और भारत की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के इस बयान को 'भ्रामक, निराधार, तथ्यहीन, बेहद शर्मनाक और भारत की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला' बताया है। 'उन्होंने (राहुल ने) कहा कि भारत में सिख समाज को गुरुद्वारों में पगड़ी पहनने की इजाजत नहीं है, उन्हें उनके पंथ के अनुरूप व्यवहार करने से रोका जा रहा है। यह बात एकदम बेबुनियाद और सच्चाई से कोसों दूर है।'
मनगढ़ंत बातें करना विपक्ष के नेता को शोभा नहीं देता- रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ने आगे कहा है कि 'भारत की संस्कृति की रक्षा करने में सिख समाज की जो बड़ी भूमिका रही है, उसको पूरा देश मानता है और उनका सम्मान करता है। उनके बारे में इस तरह की मनगढ़ंत बातें करना विपक्ष के नेता को शोभा नहीं देता।'
क्या भारत को अस्थिर करना चाहते हैं राहुल?
एक खालिस्तानी आतंकी संगठन ने जिस तरह से भारत में सिखों को लेकर राहुल गांधी की 'मनगढ़ंत' बातों को हाथों हाथ लिया है, उससे आशंका पैदा होन लगी है कि उनका बयान देश को अस्थिर करने के लिए तो नहीं है? पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि किस तरह से खासकर कनाडा और अमेरिका में कुछ सिख संगठन भारत-विरोधी भावना को भड़काने में लगे हुए हैं।
ऐसे देश-विरोधी संगठन पैसों के दम पर युवाओं को भड़काने के मिशन में दिन-रात जुटे हुए हैं। राहुल गांधी ने जिस तरह की बातें की हैं, उससे उन भारत-विरोधी ताकतों का एजेंडा ही मजबूत हुआ है। राहुल गांधी 20 साल से सांसद हैं और अब वह नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे हैं। अगर उन्हें फिर भी नहीं पता है कि उनके बयान का दुष्प्रभाव क्या हो सकता है और कितना खतरनाक हो सकता है तो यह और भी गंभीर सवाल खड़े करता है!












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