किसी भी हालत में असम पर जीत चाहते हैं मोदी, जानिए क्यों?
गुवाहाटी। मंगलवार को देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे से पहले इन राज्यों से एग्जिट पोल के नतीजे आए। जो नतीजे आए उनसे साफ था कि इस बार नार्थ ईस्ट के अहम राज्य असम में बीजेपी का खाता खुलने वाला है। नतीजों से इस ओर इशारा मिलता है कि पहली बार यहां पर बीजेपी की सरकार बन सकती है।

असम में साबित होगी मोदी लहर!
असम से आने वाले नतीजे काफी हद तक भारतीय राजनीति को एक अलग दिशा देने वाले साबित हो सकते हैं। 19 मई को आने वाले यह नतीजे कहीं न कही इस बात की ओर से भी इशारा करेंगे के सत्ता संभालने के दो वर्षों बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू या मोदी लहर कायम है।
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पीएम मोदी बेचैनी से इस राज्य में बीजेपी की सरकार बनने का इंतजार कर रहे हैं बीजेपी के लिए यह मौका काफी अहम साबित होने वाला है क्योंकि देश के बाकी हिस्सों में अब कहीं न कहीं पीएम मोदी और उनकी लहर कमजोर साबित होने लगी है।
यूपी चुनावों से पहले बड़ा लिटमस टेस्ट
पहले दिल्ली और फिर बिहार विधानसभा के नतीजे इसका सबसे बड़ा उदाहरण थे। असम में मिली जीत अगले वर्ष उत्तर प्रदेश मे होने वाले विधानसभा चुनावो मे पार्टी के लिए एक नया रास्ता दिखाने वाली साबित हो सकती है। उत्तर प्रदेश पार्टी के लिए प्रतिष्ठा के साथ ही वर्ष 2019 में लोकसभा चुनावों से पहले बड़ा लिटमस टेस्ट है।
कांग्रेस को एक और झटका
जहां बीजेपी जीत की खबर का इंतजार कर रही है तो वहीं कांग्रेस के खेमे में परेशानी बढ़ गई है। एग्जिट पोल के नतीजों से जाहिर है कि असम में कांग्रेस का किला ढहने की ओर है।
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असम और केरल के नतीजे राहुल गांधी के लिए बुरी खबर साबित हो सकते हैं। नतीजों के बाद हो सकता है कि पार्टी उन्हें अध्यक्ष का पद देने के फैसले में थोड़ी देर हो सकती है।
अगर हारी तो डूब जाएगी कांग्रेस!
एग्जिट पोल से साफ है कि पार्टी असम और केरल दोनों ही राज्यों में हार की ओर बढ़़ रही है। अगर ऐसा हुआ तो फिर कांग्रेस देश के सिर्फ पांच राज्यों में सत्ता संभालती हुई नजर आएगी। साथ ही लोकसभा में भी उसके सिर्फ 44 सांसद हैं। यह नतीजे कांग्रेस के भविष्य पर एक फुल स्टॉप की तरह साबित होंगे।












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