सरकार का सिरदर्द, किसकी देखरेख में होगा 2019 का आम चुनाव
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। देश के साल 2019 में होने वाले आम चुनाव में मुख्य चुनाव आयुक्त कौन होगा? ये सवाल अब पूछा जा रहा है। इसकी वजह है। आमतौर पर चुनाव आयोग में कम से कम तीन साल से काम कर रहे चुनाव आयोग के मेंबर की देखरेख में लोकसभा चुनाव होता है। उसे उसके दो सहयोगी सहयोग करते हैं।

पर, अगले चुनाव के समय ये स्थिति नहीं होगी। अगले लोकसभा चुनाव के वक्त तक मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी रिटायर हो गए होंगे। वे 1972 बैच के आईएएस अफसर हैं। इसके साथ ही ए.के.जोती और ओम प्रकाश रावत भी रिटायर हो गए होंगे।
बिहार का खास चुनाव
डा. जैदी के नेतृत्व में आगामी समय में बिहार और पश्चिम बंगाल विधानसभाओं केचुनाव होने हैं। उन्होंने विगत 19 अप्रैल को अपना उक्त पद संभाला था। उनसे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त श्री हरिशंकर ब्रह्मा 18 अप्रैल, 2015 को सेवानिवृत्त हो गए थे।
सरकार ने कुछ समय पहले ही ओम प्रकाश रावत को देश के इलेक्शन कमिशनर का पदभार सौंपा था।वे चीफ इलेक्शन कमिश्नर नसीम जैदी के मार्गदर्शन में काम करेंगे। वे मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अफसर हैं।
वे 2018 तक इलेक्शन कमीशन में रहेंगे। वे रिटायर होने से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त बन जाएंगे। पर वे भी अगले लोकसभा चुनाव को तो नहीं देखेंगे।
अनुभव हो
जानकार कह रहे हैं कि सरकार को इस तरह से उक्त पदों पर अफसरों की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि लोकसभा चुनाव उस अफसर की देखरेख में हो जिसने चुनाव आयोग में दो साल तो गुजार ही लिए हों।












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