कौन होगा देश का मुख्य आर्थिक सलाहकार?
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) कौन बनेगा देश का मुख्य आर्थिक सलाहकार ? कुछ दिन पहले खबर आई थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी में बसे भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमण्यम को सरकार का मुख्य आर्थिक सलाहकार चुना है। अब लगता है कि वह खबर भी पुख्ता नहीं है।

इस बीच, जानकारों का कहना है कि उक्त पद पर किसी अर्थशास्त्री की नियुक्ति में और समय लगने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पद के संभावित उम्मीदवारों के और नाम मांगे हैं।
यह पद करीब एक साल से खाली पड़ा है। पूर्व सीईए रघुराम राजन ने पिछले साल चार सितंबर को रिजर्व बैंक के गवर्नर का पद संभाल लिया था। यानी तब से यह पद खाली है।
नाम पहले भेजा था
पहले कहा जा रहा था कि पीएमओ ने एक महीने पहले ही वित्त मंत्रालय को सुब्रमण्यम का नाम भेज दिया था। सुब्रमण्यम फिलहाल पीटरसन इंस्टिट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में सीनियर फेलो हैं।
सरकार के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि यह नियुक्ति प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के बीच बीते एक माह से अटकी हुई है, क्योंकि वित्तमंत्री खुद बीमार है।
उल्लेखनीय है कि मुख्य आर्थिक सलाहकार हाई-प्रोफाइल पोस्ट है, जो वार्षिक आर्थिक सर्वे तैयार करने के लिए जिम्मेदार होता है, जिसके आधार पर राज्यों की जरूरतों के हिसाब से बजट तैयार किया जाता है।
साल के मध्य में तैयार होने वाली यह रिपोर्ट संसद के पटल पर रखी जाती है। जेटली को अपना पहला पूर्ण बजट फरवरी 2015 में पेश करना है।
हालांकि जानकार कह रहे हैं कि सुब्रमण्यम भी बन सकते हैं मुख्य आर्थिक सलाहकार। उनकीपढ़ाई भारत और ब्रिटेन में हुई है। पढ़ाई पूरी के बाद उन्होंने आईएमएफ और वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के लिए काम किया। इससे पहले वे अमेरिका की हार्वर्ड और जॉन्स होपकिन्स यूनिवर्सिटी में सीनियर एकेडमिक पोस्ट पर रहे हैं।
हाल ही में सुब्रमण्यम ने भारत सरकार के डब्ल्यूटीओ समझौते से पीछे हटने के फैसले की निंदा की थी। बीती जुलाई में उन्होंने जेटली द्वारा पेश बजट की भी निंदा की थी।
उन्होंने कहा था कि जिस राजस्व प्राप्ति का अंदाजा जेटली लगा रहे हैं, वह आशावादी है और इस बजट में महत्वपूर्ण टैक्स व सब्सिडी सुधारों को पारित करने के लिए तय समयसीमा का अभाव है।












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