वो 'ईमानदार-हिंदू समर्थक' भाजपा नेता कौन हैं, कर्नाटक में येदियुरप्पा की जगह जो बन सकते हैं CM?
बेंगलुरु, 20 जुलाई: कर्नाटक में एकबार फिर से मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को बदले जाने की चर्चा गर्म है। इसबार कोई ऑडियो क्लिप नहीं आया है, बल्कि पार्टी के नेता ही हिंट देने की कोशिश कर रहे हैं कि येदिुरप्पा जैसे बड़े लिंगायत नेता का रिप्लेसमेंट कौन हो सकता है। भाजपा के एक वरिष्ठ और कर्नाटक के सीएम के विरोधी नेता ने कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व येदियुरप्पा की जगह जल्द ही ऐसे नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाएगा, जो ईमानदार, हिंदू समर्थक हो और जिसमें अगले विधानसभा के चुनाव में पार्टी को जीत दिलाकर सत्ता में वापस लाने का माद्दा हो।

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी में भाजपा ?
कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष नलिन कुमार कातिल का एक कथित ऑडियो सामने आ चुका है, जिसके बाद से ही 78 वर्षीय मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को हटाने की चर्चा नए सिरे से रफ्तार पकड़ी है। हलांकि, वे उस ऑडियो से पल्ला झाड़ते हुए उसे फर्जी बता चुके हैं। उस कथित ऑडियो में अभी दिल्ली में मौजूद पार्टी के तीन नेताओं का जिक्र था, जिसे येदियुरप्पा की रिप्लेसमेंट के लिए बेंगलुरु भेजा जा सकता है। उस ऑडियो की सत्यता सवालों के घेरे में है। लेकिन, इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बसवराज पाटिल यतनाल ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जो बात कह दी है, उससे लगता है कि कुछ न कुछ बात तो जरूर है। क्योंकि, शनिवार को दिल्ली से बेंगलुरु लौटने के बाद से सीएम येदियुरप्पा ने इस मसले पर कोई बयान तक नहीं दिया है।

ईमानदार, हिंदू समर्थक नेता बनेंगे नए सीएम- भाजपा नेता
बसवराज पाटिल यतनाल उत्तर कर्नाटक के बीजापुर से विधायक हैं और उन्हें इस समय येदियुरप्पा का एक प्रमुख आलोचक माना जाता है। उन्होंने सोमवार को नए संभावित सीएम की ओर इशारा करते हुए कहा है, 'रेस में मैं नहीं हूं। पीएम ऐसे नेता को चुनेंगे जो ईमानदार, हिंदू समर्थक और मुख्यमंत्री के तौर पर अगले चुनाव में पार्टी को सत्ता में लाने की क्षमता रखता हो।' कर्नाटक में विधानसभा चुनाव दो साल बाद यानी 2023 में होना है। अगले सीएम के तौर पर जिन नेताओं का नाम लिया जा रहा है उनमें यतनाल भी शामिल हैं। क्योंकि, वो भी उसी लिंगायत समुदाय से आते हैं, जिससे मुख्यमंत्री हैं, बल्कि वे तो इसकी बड़ी और पिछड़ी उपजाति पंचमसाली से आते हैं। इस साल के शुरू में इस उपजाति को एक पिछड़ी जाति समूह का दर्जा दिलाने के लिए प्रदर्शन भी हुआ था और बसवराज उसके अगुवा थे।

येदियुरप्पा की जगह ये नेता भी हैं रेस में ?
दिल्ली स्थित जिन भाजपा नेताओं को येदियुरप्पा के हटाए जाने पर सीएम बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं, उनमें केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि का भी नाम है। इनमें से पहले दोनों ब्राह्मण और तीसरे वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। लेकिन, यदि पार्टी येदियुरप्पा की वजह से लिंगायत समुदाय को नाराज नहीं करना चाहेगी तो यतनाल के अलावा उसके पास बिजनेसमैन और नेता मुरुगेश निरानी का भी विकल्प हो सकता है, जो कि अभी राज्य में माइनिंग मिनस्टर हैं। हालांकि चीनी और इथेनॉल फैक्ट्री चलाने वाले निरानी ने अपनी दावेदारी से इनकार किया है।

कई और नेताओं के भी सामने आ रहे हैं नाम
इनके अलावा जो नाम सुर्खियों में हैं, उनमें उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी (लिंगायत समुदाय), राजस्व मंत्री आर अशोक (वोक्कालिगा समुदाय) और उपमुख्यमंत्री गोविंद करजोल (दलित नेता) भी शामिल हैं। यह फेहरिस्त लंबी है और इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा का भी नाम लिया जा रहा है। भाजपा के एक सूत्र का कहना है कि केंद्र के लिए लोकसभा सांसद अनंत कुमार हेगड़े पसंदीदा हो सकते थे और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती थी, लेकिन विवादित बयानों की वजह से नेतृत्व ने उनके नाम पर विचार को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल रखा है। पूर्व मंत्री हेगड़े को मोदी 2.0 में केंद्र में जिम्मेदारी नहीं दी गई है, लेकिन उन्हें उत्तर कर्नाटक में हिंदुत्व का बहुत बड़ा तूफानी लीडर माना जाता है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व ने अगर हिंदुत्व को ज्यादा ध्यान में रखा तो इनकी भी लौटरी लग सकती है।












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