जानिए कौन था महाभारत का 'शल्य', जिसका PM मोदी ने अपने भाषण में किया जिक्र
Recommended Video

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को ICSI के गोल्डन जुबली कार्यक्रम में बोलते हुए महाभारत के एक किरदार 'शल्य' का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि इस समय कुछ ऐसे लोग हैं जो महाभारत के शल्य की तरह नकरात्मक खबरों को फैला कर देश को हत्तोसाहित करने में लगे हैं। आखिर पीएम मोदी ने नकरात्मक खबरों की फैलाने वालों की तुलना महाभारत के शल्य से क्यों की? क्या है इस किरदार शल्य की कहानी? आइए जानते हैं

कर्ण का सारथी था शल्य
शल्य, पांडवों की दूसरी मां माद्री के भाई थे और रिश्ते में वो पांडवों के मामा लगते थे। महाभारत का युद्ध छिड़ने से पहले दुर्योद्धन ने उन्हें कौरवों की सेना में शामिल कर लिया था। बाद में कर्ण के सारथी बने। दरअसल अर्जुन के सारथी स्वयं श्रीकृष्ण थे और कर्ण किसी भी मामले में अर्जुन से कम ना हो इसके लिए शल्य से सारथी बनने का निवेदन किया गया, क्योंकि उनके अन्दर वे सभी गुण थे जो एक योग्य सारथी में होने चाहिए।

शल्य ने कौरवों को किया हतोत्साहित
शल्य भले ही युद्ध में कौरवों की तरफ से थे लेकिन वे दिल से पांडवों की तरफ थे। महाभारत के दौरान वे पांडवों की सेना की बातों को बढ़ा-चढ़ाकर कौरवों को बताते और उन्हें हतोत्साहित करते। कई बार वे जानबूझकर कौरवों को डराने के लिए खुद भी कहानी गढ़ देते थे। यहां तक कि युद्ध के सत्रहवें दिन शल्य ने अर्जुन की युद्ध कला की प्रशंसा करके कर्ण का मनोबल गिरा दिया। और कर्ण इसी दिन युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुआ।

मोदी ने क्यों किया शल्य का जिक्र
पीएम मोदी ने हालांकि स्पष्ट तौर से किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन शल्य की कहानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने इसके बहाने पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी पर निशाना साधा है। क्योंकि हाल के दिनों में इन्हीं दोनों नेताओं ने पीएम मोदी की अर्थव्यस्था नीतियों पर सवाल उठाते हुए सरकार पर हमला बोला था।












Click it and Unblock the Notifications