Salim Fruit कौन है, क्या नवाब मलिक से भी जुड़े हैं तार? जानिए
मुंबई, 10 मई: एनआईए भगोड़े आतंकवादी दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के खास गुर्गे सलीम फ्रूट को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने सोमवार को 20 से ज्यादा जगहों पर रेड में मिले कई संदिग्ध दस्तावेजों की बरामदगी के बाद उसे हिरासत में लिया है, जो कि पहले से ही एक कुख्तात अपराधी रहा है। लेकिन, इस मामले के तार किसी ना किसी रूप में जेल में बंद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक से भी जुड़ रहे हैं। इसलिए अगर सलीम फ्रूट से पूछताछ हो रही है तो आगे कई और बड़े खुलासे होने का अनुमान है। आइए फिलहाल सलीम कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट की आपराधिक कुंडली देखते हैं।

सलीम फ्रूट कौन है ?
नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने सोमवार को गैंगस्टर छोटा शकील के गुर्गे सलीम कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इससे पहले एनआईए ने पाकिस्तान में छिप कर रह रहे भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के अपराधों के सिलसिले में 20 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान सेंट्रल एजेंसी को कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। सलीम कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट गैंगस्टर छोटा शकील का बहनोई है। जबकि छोटा शकील, भगोड़े आतंकी दाऊद इब्राहिम का खासमखास गुर्गा रहा है। सलीम कुरैशी, सलीम फ्रूट के नाम से इसलिए जाना जाने लगा है, क्योंकि उसका परिवार दक्षिण मुंबई में फलों के कारोबार से जुड़ा रहा है।

संयुक्त अरब अमीरात से निकाला जा चुका है सलीम फ्रूट
आरोपों के मुताबिक सलीम फ्रूट भी दाऊद का एक खास गुर्गा है। जबकि, छोटा शकील एक सुपारी किलर है, जो दाऊद के नाम पर उगाही का रैकेट चलाता है। आरोप है कि छोटा शकील दाऊद के लिए सारे काले कारनामे को पाकिस्तान से ही अंजाम देता है। सूत्रों का दावा है कि सलीम फ्रूट तीन-चार बार पाकिस्तान में छोटा शकील के यहां जाकर मेहमानबाजी करके भी आ चुका है। आरोपों के मुताबिक फ्रूट पहले इस सदी की शुरुआत में भारत से बाहर शकील और दाऊद के लिए जबरन वसूली का रैकेट चलाता था, लेकिन, 2006 में संयुक्त अरब सरकार ने उसे जबरन निकालकर भारत निर्वासित कर दिया।
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जबरन उगाही के मामले में कई बार जेल जा चुका है फ्रूट
छोटा शकील के लिए जबरन वसूली के आरोपों में वह पहले गिरफ्तार भी हुआ था और उसपर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ऐक्ट (एमसीओसीए) की धाराएं भी लगी थीं। वह 2010 तक जेल में ही बंद था। 2004 के एक मामले में मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने उसे 2016 में फिर से गिरफ्तार किया था। आरोपों के मुताबिक उसने एक डॉक्टर से 25 लाख रुपये मांगे थे। बाद में 10 लाख रुपये पर बात बनी थी, लेकिन क्राइम ब्रांच ने इस केस में दो लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया था।

क्या नवाब मलिक से भी जुड़े हैं तार ?
इस साल फरवरी में प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के हाईप्रोफाइल कैबिनेट मंत्री और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के खासमखास पार्टी नेता नवाब मलिक को गिरफ्तार किया था। ईडी ने दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के इस केस में सलीम फ्रूट से भी पूछताछ की थी। तब अपने बयान में सलीम फ्रूट ने ईडी के अफसरों से कहा था कि वह दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पार्कर का बहुत ही करीबी था। गौरतलब है कि हसीना मुंबई में विवादित प्रॉपर्टी की डील करवाने के लिए कुख्यात थी और अपने भाई का खौफ दिखाकर मोटी कमाई करती थी। नवाब मलिक पर भी आरोप है कि उन्होंने हसीना पार्कर के ड्राइवर के साथ साठगांठ करके मुंबई के कुर्ला में एक प्लॉट हड़प ली। ऐसे में सलीम फ्रूट का एनआईए के हत्थे चढ़ना, आगे क्या गुल खिलाता है, यह बड़ा सवाल है।












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