कौन हैं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर: मालेगांव ब्लास्ट केस से लेकर राजनीति तक का सफर –जानिए 5 अहम बातें
Who is Pragya Singh Thakur: मालेगांव बम विस्फोट मामले में विशेष एनआईए अदालत ने सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है। यह मामला 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए एक धमाके से जुड़ा है, जिसमें छह लोगों की मौत और सौ से अधिक लोग घायल हुए थे। विस्फोट एक मस्जिद के पास खड़ी मोटरसाइकिल में लगे बम से हुआ था। इस केस में बीजेपी नेता और पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित प्रमुख आरोपियों में शामिल थे। साध्वी प्रज्ञा भोपाल से सांसद भी रह चुकी हैं।
कोर्ट में जज को संबोधित करते हुए सांधवी प्रज्ञा सिंह ने कहा, "मैंने शुरू से ही कहा है कि जिन्हें भी जांच के लिए बुलाया जाता है, उसके पीछे कोई आधार होना चाहिए। मुझे जांच के लिए बुलाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया और प्रताड़ित किया गया। इससे मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं एक साधु का जीवन जी रही थी, लेकिन मुझे फंसा दिया गया और मुझ पर आरोप लगा दिया गया और कोई भी स्वेच्छा से हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ। मैं जीवित हूं क्योंकि मैं एक संन्यासी हूं। उन्होंने एक षड्यंत्र के तहत भगवा को बदनाम किया। आज भगवा की जीत हुई है, हिंदुत्व की जीत हुई है, और जो दोषी हैं उन्हें भगवान सजा देंगे। हालांकि, जिन्होंने भारत और भगवा को बदनाम किया, वे आपके द्वारा गलत साबित नहीं हुए हैं।"

इस केस में सबसे ज्यादा सुर्खियों में प्रज्ञा ठाकुर ही रही थीं। आइए जानें साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बारे में सबकुछ?
Who is Pragya Thakur: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर प्रोफाइल
प्रज्ञा सिंह ठाकुर एक साध्वी हैं और भारतीय जनता पार्टी की एक नेता हैं। हिंदुत्व विचारधारा से जुड़ी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने 2019 में भाजपा में शामिल हुई थीं। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उनका मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से हुआ। इस चुनाव में उन्होंने 3,64,822 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। राजनीति में आने से पहले प्रज्ञा सिंह ठाकुर संन्यासिनी के रूप में जीवन बिता रही थीं। 21 नवंबर 2019 को उन्हें रक्षा मंत्रालय की 21 सदस्यीय संसदीय सलाहकार समिति में शामिल किया गया, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे थे।
🔴 1. प्रज्ञा सिंह ठाकुर मालेगांव विस्फोट में नाम
2008 के मालेगांव धमाके में प्रज्ञा ठाकुर का नाम सामने आया था। धमाका एक मोटरसाइकिल में लगाए गए विस्फोटक से हुआ था। आरोप था कि यह हमला एक दक्षिणपंथी संगठन 'अभिनव भारत' से जुड़ा था। लेकिन 31 जुलाई को कोर्ट ने सबूतों के अभावा में बरी कर दिया है।
प्रज्ञा ने कोर्ट में कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और दुर्भावनापूर्ण थे। साध्वी प्रज्ञा ने जेल में नौ साल बिताए। एनआईए ने 2015 में उन्हें क्लीन चिट दी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें UAPA के तहत आरोपी बनाए रखा। 2009 में उन्हें मालेगांव ब्लास्ट केस में गिरफ्तार किया गया था। विस्फोट के पीछे अभिनव भारत नामक संगठन का नाम सामने आया।

🔴 2. प्रज्ञा सिंह ठाकुर परिवार और शिक्षा
प्रज्ञा सिंह ठाकुर का जन्म 2 फरवरी 1970 को हुआ। उनका परिवार मध्य प्रदेश के भिंड जिले से है। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के पिता चंद्रपाल सिंह भिंड (मध्य प्रदेश) में आयुर्वेदाचार्य थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े हुए थे। बचपन से ही वे टॉमबॉय स्वभाव की थीं-छोटे बाल रखती थीं, लड़कों जैसे कपड़े पहनती थीं, और बाइक चलाने की शौकीन थीं।
प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने 1996 में M.A एम.जे.एस. कॉलेज, भिंड, जीवाजी विश्वविद्यालय से पास की है। उन्होंने 1997 में विद्यानिकेतन कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन, भोपाल, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से B.P.Ed. की डिग्री ली।
🔴 3. प्रज्ञा सिंह ठाकुर कॉलेज के दिनों में ABVP से जुड़ीं
कॉलेज के समय में प्रज्ञा सिंह ठाकुर एबीवीपी से जुड़ी रहीं और बचपन से ही दक्षिणपंथी विचारधारा की अनुयायी थीं। उनके पिता आरएसएस से जुड़े रहे हैं। कॉलेज के बाद प्रज्ञा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विभिन्न सहयोगी संगठनों में शामिल हो गईं।
🔴 4. प्रज्ञा सिंह ठाकुर राजनीतिक सफर
प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़कर छात्र राजनीति में कदम रखा और बाद में राज्य सचिव के पद तक पहुंचीं। 1997 में एबीवीपी छोड़ने के बाद उन्होंने राष्ट्रवादी सेना और हिन्दू जागरण मंच के लिए काम किया। वे बजरंग दल की महिला शाखा दुर्गा वाहिनी की भी सदस्य रही हैं। इसके अलावा, वे संघ परिवार से जुड़े वंदे मातरम् जन कल्याण समिति की संस्थापक सदस्य भी हैं।

🔴 5. प्रज्ञा सिंह ठाकुर के विवादित बयान
- 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रज्ञा ठाकुर ने 17 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ली और उन्हें भोपाल लोकसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया गया। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि मुंबई एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे की मौत उनके श्राप के कारण हुई थी, जिससे विवाद खड़ा हुआ।
- बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर दिए बयान पर चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई और 72 घंटे तक प्रचार करने से रोका।
- नाथूराम गोडसे को "देशभक्त" बताने पर बीजेपी ने भी उनकी आलोचना की। इसके बावजूद, उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह को 3,64,822 वोटों से हराया।
- 21 नवंबर 2019 को साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रक्षा मंत्रालय के अधीन बनी 21 सदस्यीय संसदीय सलाहकार समिति का सदस्य नियुक्त किया गया था, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे थे। लेकिन संसद में नाथूराम गोडसे को "देशभक्त" कहने वाले उनके बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की। इसके बाद 28 नवंबर को उन्हें न केवल रक्षा मामलों की समिति से हटाया गया, बल्कि भाजपा की संसदीय दल की बैठकों से भी बाहर कर दिया गया।
🔴 6. प्रज्ञा सिंह ठाकुर को हुआ था ब्रेस्ट कैंसर
प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सितंबर 2023 में दिए अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ''मैं पहले पूरी तरह स्वस्थ थी, लेकिन पुलिस हिरासत में मेरे स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने लगी। जब जेल गई, तब मेरी तबीयत ठीक थी, लेकिन बाहर आने तक मेरी हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि मैं बिस्तर तक सीमित हो गई। मुझे कैंसर, रीढ़ की हड्डी में दिक्कत और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो गईं, साथ ही शरीर में पस भी पड़ गया। इसके लिए मैं कांग्रेस सरकार और एटीएस की प्रताड़ना को जिम्मेदार मानती हूं।''
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जन डॉ. एस. एस. राजपूत ने बताया था कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की कैंसर की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोनों स्तनों की सर्जरी (बाइलेट्रल मैस्टेक्टॉमी) की गई थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने प्रज्ञा सिंह ठाकुर का तीन बार ऑपरेशन किया था। साध्वी की दोनों बार सर्जरी की गई थी ताकि ब्रेस्ट कैंसर का इलाज हो सके। हालांकि, साध्वी प्रज्ञा को उस समय आलोचना का सामना करना पड़ा जब उन्होंने कहा कि उनका कैंसर गोमूत्र और पंचगव्य से ठीक हुआ था।
🔴 Pragya Thakur Net Worth: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की संपत्ति
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने 2019 के लोकसभा चुनाव में हलफनामे में बताया था कि उनकी कुल संपत्ति 4.4 लाख की थी। इस चुनाव में ये जीतकर भोपाल से सांसद बनी थीं। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इन्हें टिकट नहीं दिया था। इनके पास 90 हजार कैश था। इनके पास 2 लाख रुपये के गहने हैं। इनके खुद का घर और गाड़ी नहीं है।
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