कौन हैं रेणुका चौधरी जिनकी हंसी पर हो रहा है हंगामा
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नई दिल्ली। राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी की हंसी पर विवाद हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में अपने भाषण के दौरान आधार पर बयान दे रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगीं। इस पर राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडु ने कहा, "आपको क्या हो गया है, अगर आपको समस्या है तो डॉक्टर के पास जाइए।" वेंकैया नायडु रेणुका चौधरी को बीच में टोक ही रहे थे कि मुस्कुराते हुए पीएम मोदी बोले, "सभापति रेणुका जी को आप कुछ मत कहिए रामायण सीरियल के बाद ऐसी हंसी सुनने का आज सौभाग्य मिला है।" पीएम मोदी का यही बयान तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस इसी बयान को लेकर हंगामा मचा रही है। ऐसे में आपको रेणुका चौधरी की जिंदगी के बारे में हर चीज बताते हैं। इसे भी पढ़ें- पेंशन और राशन कार्ड बनवाने के नाम पर 13 लोगों ने ली विधवा से 'रिश्वत', हो गया AIDS

रेणुका चौधरी का प्रारंभिक जीवन
रेणुका चौधरी का जन्म 13 अगस्त 1 954 को विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) में एयर कमोडोर सूर्यनारायण राव और श्रीमती वसुंधरा के घर हुआ। रेणुका तीन बेटियों में से सबसे बड़ी हैं। उन्होंने देहरादून के वेलेहम गर्ल्स स्कूल में अध्ययन किया और बीए की डिग्री ली। रेणुका ने 1 9 73 में श्रीधर चौधरी से शादी किया। श्रीधर जाट महासभा के सदस्य हैं।

1984 में हुई रेणुका की राजनीति में एंट्री
रेणुका चौधरी ने 1 984 में तेलुगू देशम पार्टी (TDP)के सदस्य के रूप में राजनीति में प्रवेश किया। वह 1986 से 1998 तक लगातार तेलुगु देशम संसदीय दल के चीफ व्हीप के लिए राज्यसभा की सदस्य रहीं। वह 1997 से 199 8 तक एचडी देवगौड़ा के कैबिनेट में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री भी रहीं। 1998 में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइल किया। उन्हें 1999 और 2004 में खम्मम की तरफ से 13 वीं और 14 वीं लोकसभा के लिए चुना गया।
अन्य पदों में वित्त समिति (1999-2000) और महिला सशक्तिकरण पर समिति (2000-2001) पर सदस्यता शामिल है।

2004 में बनीं पर्यटन राज्य मंत्री
मई 2004 में रेणुका चौधरी यूपीए -1 सरकार में पर्यटन राज्य मंत्री बनीं। वह जनवरी 2006 से मई 2009 तक यूपीए -1 सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थीं। मई 2009 में लोकसभा चुनाव में रेणुका चौधरी खम्मम से टीडीपी के नामा नागेश्वर राव से 1,24,448 वोटों से हार गईं। उसके बाद चौधरी कांग्रेस के प्रवक्ता बनीं और 2012 में वह राज्यसभा के लिए चुनी गईं।

संसदीय समितियां
- सदस्य, वित्त समिति (1999 -2000)
- सदस्य, महिला सशक्तिकरण पर समिति (2000-2001)
- सदस्य, सरकारी आश्वासन समिति (मई 2012 - सितंबर 2014)
- सदस्य, वित्त समिति (मई 2012 - मई 2014)
- सदस्य, व्यापार सलाहकार समिति (मई 2013 - सितंबर 2014)
- सदस्य, कृषि पर समिति (सितंबर 2014 'वर्तमान)
- सदस्य, हाउस कमेटी (सितंबर 2014 - वर्तमान)
- सदस्य, सामान्य प्रयोजन समिति (अप्रैल 2016 - वर्तमान)
- रेणुका चौधरी ने 2011 में कहा था कि पैंट-सूट हास्यास्पद हैं, पुरुष धोतियों में ज्यादा अच्छे लगते हैं। स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते, वह यह आश्वस्त कर सकती हैं कि उससे प्रजनन क्षमता भी बढ़ती है।
- 2015 में, चौधरी को एसटी / एससी अत्याचार अधिनियम के तहत हैदराबाद पुलिस ने एक अभियोग से 1.10 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।
- 2000 के शुरुआती दिनों में टैक्स चुकाने वाले हसन अली खान के एक करीबी सहयोगी ने कहा था कि उन्होंने खान को 1.2 करोड़ रुपये का एक हीरा दिया था, जिसे रेणुका चौधरी को उपहार में देना था।
- करन थापर ने एक साक्षात्कार में पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि लोगों को कानून के दुरुपयोग की जांच में संशोधन करने से पहले पीड़ित होना चाहिए। चौधरी ने जवाब दिया था, "यह इतना बुरा विचार नहीं है, सिवाय इसके कि मुझे पुरुषों के लिए ऐसी दया है।" एक उदाहरण में उन्होंने यह भी कहा कि "यह पुरुषों की पीड़ा है"। एक और उदाहरण में, उन्होंने सार्वजनिक रूप से महिलाओं से आग्रह किया था कि वे कंडोम पर विश्वास करें अपने पतियों पर नहीं।













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