कौन हैं निदा खान? TCS Case की मास्टरमाइंड निकली प्रेग्नेंट, परिवार-वकील ने क्या कहा? हुए कई खुलासे
Who is Nida Khan TCS Nashik Case Mastermind: देश की नामी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े नासिक के एक बीपीओ सेंटर में यौन उत्पीड़न और कथित धर्मांतरण के आरोपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। अब तक इस केस में 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का दावा है कि यह कोई एक-दो घटनाएं नहीं, बल्कि एक संगठित पैटर्न का हिस्सा था।
इस पूरे मामले के केंद्र में जिस नाम ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह है 26 वर्षीय निदा खान। पुलिस उन्हें इस कथित नेटवर्क की "मास्टरमाइंड" बता रही है, जबकि उनका परिवार इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। निदा के परिवार और वकील ने जो खुलासे किए हैं, उन्होंने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं निदा खान, क्या सच में वो TCS में HR मैनेजर थी या नहीं। कंपनी का क्या कहना है। चलिए हर डिटेल समझते हैं।

कौन है निदा खान? TCS की 'HR हेड' या मामूली कर्मचारी? (Who is Nida Khan?)
26 वर्षीय निदा खान नासिक की ही रहने वाली है और उसने कॉमर्स में ग्रेजुएशन की है। वर्तमान में वह पत्राचार (Correspondence) के जरिए एमबीए (MBA) की पढ़ाई कर रही है। पिछले साल ही निदा की शादी हुई थी, जिसके बाद वह अपने पति के साथ मुंबई शिफ्ट हो गई थी।
पुलिस और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों में निदा को बीपीओ की 'HR हेड' बताया जा रहा है। हालांकि, निदा के पिता और भाई का दावा बिल्कुल उलट है। परिवार के मुताबिक, निदा ने दिसंबर 2021 में इस बीपीओ में ज्वाइन किया था, लेकिन वह वहां मानव संसाधन (HR) विभाग में नहीं, बल्कि एक साधारण टेलीकॉलर के रूप में काम करती थी। टीसीएस सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि निदा कोई मैनेजर या सीनियर स्टाफ नहीं थी। परिवार का आरोप है कि निदा की इंस्टाग्राम से फोटो चुराकर उस पर 'HR हेड' लिखकर उसे बदनाम किया जा रहा है।
निदा के पिता, जो नासिक में लकड़ी का कारोबार करते हैं, का कहना है कि उनकी बेटी रोज काम पर जाती थी और "हैलो-बाय" से ज्यादा किसी से कोई मतलब नहीं रखती थी। परिवार का यह भी कहना है कि पहले उन्हें लगा कि यह किसी और निदा खान का मामला है, लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो वे मानसिक तनाव में आ गए। उनकी मां की तबीयत भी इस मामले के बाद बिगड़ गई है।

प्रेग्नेंसी और बेल की अर्जी: क्या फरार है निदा?
पुलिस रिकॉर्ड में निदा खान को 'फरार मास्टरमाइंड' बताया गया है, लेकिन उसके वकील बाबा सैयद और परिवार ने इस दावे को खारिज कर दिया है। वकील के मुताबिक, निदा जल्द ही कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए अर्जी दाखिल करने वाली है।
परिवार ने एक भावुक खुलासा करते हुए बताया कि निदा प्रेग्नेंट (गर्भवती) है। उसके मामा का कहना है कि निदा कहीं भाग नहीं रही है, वह अपने मुंबई स्थित घर पर ही है। परिवार का दावा है कि अब तक एक भी पुलिस अधिकारी उनके घर निदा के बारे में पूछने नहीं आया है। पिता का कहना है कि उनकी बेटी सिर्फ काम पर जाती थी और 'नमस्ते-गुडबाय' कहने की वजह से आज इतने बड़े विवाद में फंस गई है।
यौन उत्पीड़न से लेकर धर्मांतरण तक: एफआईआर की कड़ियां ( TCS Nashik Case Full Story)
यह पूरा मामला तब खुला जब एक 23 वर्षीय महिला कर्मचारी ने देओलाली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि उसके सीनियर सहकर्मी दानिश शेख ने शादी का झांसा देकर उसके साथ यौन संबंध बनाए और अपनी शादी की बात छिपाई।
धीरे-धीरे यह मामला बढ़ता गया और अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। निदा खान का नाम इनमें से एक एफआईआर में है, जो धार्मिक उत्पीड़न से जुड़ी है। आरोप है कि निदा और उसके साथी तौसीफ ने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और महिला कर्मचारियों पर इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने व नमाज पढ़ने के लिए मानसिक दबाव बनाया। पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ऑपरेशंस मैनेजर सहित सात पुरुष शामिल हैं।
जांच में एक और अहम पहलू सामने आया है एक कथित व्हाट्सएप ग्रुप, जिसमें कुछ कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ गतिविधियां चलाई जाती थीं। सूत्रों के मुताबिक, अगर यह आरोप सही साबित होता है, तो यह मामला "संगठित उत्पीड़न" की श्रेणी में आ सकता है।
पुलिस का 40 दिनों का 'अंडरकवर ऑपरेशन'
नासिक पुलिस ने इस मामले की तह तक जाने के लिए किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा जाल बुना था। पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक के निर्देश पर 6 महिला पुलिस अधिकारियों ने करीब 40 दिनों तक इस बीपीओ में 'अंडरकवर' (पहचान छिपाकर) कर्मचारी के तौर पर काम किया। इन अधिकारियों ने वर्कस्टेशन से लेकर मीटिंग्स तक की निगरानी की और पाया कि वहां वास्तव में कर्मचारियों का एक संगठित 'गैंग' सक्रिय था, जो जूनियर स्टाफ को निशाना बनाता था।
पुलिस का दावा है कि उन्हें आरोपियों के बीच करीब 78 'संदिग्ध' कॉल रिकॉर्ड्स, ईमेल और चैट्स मिले हैं। साथ ही कुछ वित्तीय लेनदेन के सबूत भी मिले हैं, जिसकी जांच जारी है। इसमें एक 'मलेशिया लिंक' की भी बात सामने आ रही है, जहाँ महिलाओं को विदेश भेजने की योजना बनाई जा रही थी।
टाटा संस और राष्ट्रीय महिला आयोग की एंट्री
मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने खुद इस पर दुख जताया है और आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि टाटा ग्रुप ऐसी किसी भी हरकत के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति रखता है। दोषी कर्मचारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है।
वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई है, जिसमें एक रिटायर्ड जज शामिल हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुँच गया है, जहाँ इसे राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा बताते हुए याचिका दायर की गई है।
FAQs
1. निदा खान कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
निदा खान नासिक के एक बीपीओ में कर्मचारी थी। उस पर महिला कर्मचारियों को धार्मिक तौर पर प्रताड़ित करने, हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का आरोप है।
2. क्या निदा खान टीसीएस (TCS) की HR मैनेजर है?
सोशल मीडिया पर उसे HR हेड बताया जा रहा है, लेकिन परिवार और कंपनी सूत्रों के अनुसार वह एक टेलीकॉलर के पद पर कार्यरत थी।
3. क्या निदा खान फरार है?
पुलिस उसे फरार बता रही है, लेकिन परिवार का कहना है कि वह अपने मुंबई वाले घर पर है और प्रेग्नेंट होने के कारण उसकी स्थिति नाजुक है। वह जल्द ही अग्रिम जमानत की अर्जी देगी।
4. इस मामले में अब तक कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
पुलिस ने अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दानिश शेख, तौसीफ और एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर शामिल हैं।
5. पुलिस ने इस मामले का खुलासा कैसे किया?
नासिक पुलिस की 6 महिला अधिकारियों ने 40 दिनों तक बीपीओ में कर्मचारी बनकर गुप्त जांच की, जिसके बाद इस रैकेट का पर्दाफाश हुआ।













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