Manikanta Rathod: 40 मुकदमे, जा चुका है जेल, कौन है 'खड़गे की हत्या की साजिश' करने वाला मणिकांत राठौड़?
Manikanta Rathod: कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में बीजेपी उम्मीदवार मणिकांत राठौड़ ने मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके परिवार की हत्या की साजिश रची है।

Who is Manikanta Rathod: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के उम्मीदवार मणिकांत राठौड़ पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके परिवार की हत्या की साजिश रचने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस पार्टी ने उनका एक ऑडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर साझा किया है। हालांकि बीजेपी प्रत्याशी मणिकांत राठौड़ ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
ऐसा पहली बार नहीं है कि मणिकांत राठौड़ का नाम किसी विवाद से जुड़ा हो। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने चित्तपुर से मणिकांत राठौड़ को अपना उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले उन्हें कलबुर्गी से एक साल के लिए निर्वासित कर दिया गया था।
48 वर्षीय मणिकांत राठौड़ के खिलाफ कलबुर्गी सहित कर्नाटक के कई जिलों में लगभग 40 आपराधिक मामले दर्ज हैं। मणिकांत राठौड़ के खिलाफ आरोपों में हत्या, ड्रग्स और नशीले पदार्थों की तस्करी, आपराधिक धमकी और अवैध रूप से हथियार रखना शामिल है।
मणिकांत राठौड़ पर मुफ्त सार्वजनिक वितरण के लिए अवैध रूप से चावल परिवहन करने के कई मामलों में भी आरोप लगाया गया है। मणिकांत राठौड़ को तीन मामलों में दोषी भी ठहराया गया है, जिनमें से एक के लिए उन्हें एक साल की कैद हुई थी और 10,000 रुपये का जुर्माना भरने को कहा गया था।
मणिकांत राठौड़ को आखिरी बार पिछले साल नवंबर में मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मणिकांत राठौड़ ने प्रियांक को गोली मारने की तैयारियों के बारे में भी बात की थी। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

प्रियांक खड़गे 2023 कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए चित्तपुर से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार हैं। पिछले साल दिसंबर में मणिकांत राठौड़ ने लोकायुक्त के पास मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियांक खड़गे के खिलाफ यह कहते हुए मामला दायर किया था कि उन्होंने सरकारी जमीन का गबन किया और इसका इस्तेमाल कर्नाटक पीपुल्स एजुकेशन सोसाइटी के लिए किया गया है, जिसकी स्थापना मल्लिकार्जुन खड़गे ने की थी।
मणिकांत राठौड़ के खिलाफ आपराधिक मामलों के कारण, शिवमोग्गा ग्रामीण पुलिस ने पिछले सितंबर में मणिकांत राठौड़ को एक साल के लिए निर्वासित कर दिया था। हालांकि, अदालत के एक आदेश ने इस फैसले पर रोक लगा दी। दरअसल मणिकांत राठौड़ को चित्तपुर में प्रचार करने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ी थी। प्रियांक खड़गे और मणिकांत राठौड़ चित्तपुर विधानसभा क्षेत्र पर आमने-सामने हैं।












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