J&K Viral Video: गर्मी की छुट्टियां मांगने वाला 12 साल का बच्चा कौन है? मंत्री पर टिप्पणी के बाद एक्शन में CWC
Kashmir Schoolboy Viral Video: जम्मू-कश्मीर का एक 12 साल का स्कूली बच्चा इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है उसका एक वायरल वीडियो। इस वीडियो में बच्चा जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री साकिना इटू (Sakina Itoo) से गर्मी की छुट्टियों को लेकर सवाल पूछता नजर आ रहा है।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। किसी ने बच्चे की बात का समर्थन किया, तो किसी ने उसके बोलने के तरीके पर सवाल उठाए।

अब मामला इतना बढ़ गया है कि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने पुलिस को FIR दर्ज करने और वीडियो हटाने के निर्देश दिए हैं।
कौन है यह 12 साल का बच्चा?
फिलहाल बच्चे की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। वह जम्मू-कश्मीर के एक स्कूल में पढ़ता है। उसकी उम्र करीब 12 साल बताई जा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद बच्चे के स्कूल की पहचान उसकी स्कूल यूनिफॉर्म से की गई। इसके बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने स्कूल के प्रिंसिपल को भी तलब किया है ताकि पूरे मामले की जानकारी ली जा सके।
आखिर वीडियो में बच्चे ने क्या कहा?
वायरल वीडियो में बच्चा जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री साकिना इटू से सवाल पूछता है कि इतनी भीषण गर्मी के बावजूद स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों का ऐलान क्यों नहीं किया गया।बात करते-करते बच्चा कहता है कि उसे लगता है शायद मंत्री के अपने बच्चे स्कूल नहीं जाते होंगे और वह खुद एसी कमरे में बैठी होंगी। यही टिप्पणी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा का कारण बनी।
वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया। कई लोगों ने कहा कि बच्चा सिर्फ अपनी परेशानी बता रहा था। उनका मानना है कि बच्चों को अपनी बात रखने का अधिकार है। वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने कहा कि बच्चे को इस तरह किसी मंत्री के बारे में नहीं बोलना चाहिए था। कुछ लोगों ने इसे बच्चों की परवरिश और सामाजिक मूल्यों से भी जोड़कर देखा।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने तुरंत दिए कार्रवाई के आदेश
सरकारी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने इस मामले का खुद संज्ञान लिया। कमेटी ने पुलिस को वीडियो हटाने और FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कमेटी का कहना है कि जिस न्यूज पोर्टल ने बच्चे का इंटरव्यू रिकॉर्ड किया, उसने बच्चे के माता-पिता या कानूनी अभिभावक की अनुमति नहीं ली। स्कूल प्रशासन को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। कमेटी ने पत्रकारों को भी पेश होने का नोटिस जारी किया है। हालांकि न्यूज पोर्टल ने अपना लिखित जवाब जमा कर दिया है।
CWC चेयरपर्सन ने क्या कहा?
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन खैर-उल-निसा ने कहा कि उन्होंने वायरल वीडियो देखने के बाद खुद इस मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें बच्चे, उसके परिवार या स्कूल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वीडियो पहले ही लाखों लोगों तक पहुंच चुका था।
उनका कहना है कि इतनी चर्चा के बाद बच्चे के लिए सामान्य जीवन और स्कूल लौटना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए पत्रकारों को वीडियो अपलोड करने से पहले ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी चाहिए थी।
मीरवाइज उमर फारूक ने भी जताई चिंता
शुक्रवार की नमाज के बाद श्रीनगर की जामिया मस्जिद में लोगों को संबोधित करते हुए मीरवाइज उमर फारूक ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समाज को यह सोचना होगा कि क्या छोटे बच्चों को इस तरह सोशल मीडिया पर लाकर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दिलवाना सही है। उन्होंने बच्चे की टिप्पणी को शिष्टाचार के लिहाज से उचित नहीं बताया और कहा कि ऐसे मामलों में बच्चों के भविष्य का भी ध्यान रखना चाहिए।
बच्चों को लेकर जारी हुई नई एडवाइजरी
इस पूरे विवाद के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने नई एडवाइजरी भी जारी की है। इसके अनुसार किसी भी बच्चे का इंटरव्यू लेना, वीडियो बनाना या उसे सोशल मीडिया पर इस तरह साझा करना जिससे उसकी निजता, सम्मान, सुरक्षा या मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती हो, उससे बचना चाहिए।














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