‘रामलला के चोरों को फांसी दे दो’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर उबल पड़े महंत दिनेंद्र दास, सरकार को लेकर क्या कहा?
Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला अब सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रह गया है। इस विवाद ने धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर हलचल मचा दी है। इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने आरोपियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरे मामले को नई बहस में ला दिया है।
महंत दिनेंद्र दास महाराज ने दोटूक शब्दों में कहा कि जो लोग भगवान के घर में इस तरह का पाप कर सकते हैं, उन्हें जीने का कोई हक नहीं है और उन्हें सीधे फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए। इस बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच दल (SIT) एक्शन मोड में आ गई है। एसआईटी की टीम ने मुख्य आरोपी को अपनी कस्टडी में लेकर पैसों की रिकवरी और इस पूरे खेल के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब करने के लिए दिन-रात एक कर दिया है।

चोरी तो चोरी है, चाहे कम हो या ज्यादा', महंत दिनेंद्र दास ने क्या कहा?
महंत दिनेंद्र दास महाराज ने जांच की रफ्तार पर तसल्ली तो जताई, लेकिन उनका गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने साफ किया कि रामलला के दरबार में जो जांच चल रही है, वह पूरी तरह सरकार की निगरानी में है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस महापाप में शामिल थे, वे अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
ट्रस्टी ने जोर देकर कहा कि चोरी छोटी हो या बड़ी, वह अपराध ही कहलाएगी। उन्हें पूरा भरोसा है कि लोकल प्रशासन और पुलिस अपनी पूरी ताकत लगाकर गबन की गई एक-एक पाई वसूल कर लेगी। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि जिन्होंने रामलला के साथ गद्दारी की है, उनके लिए फांसी से कम कोई सजा नहीं होनी चाहिए।
महंत दिनेंद्र दास महाराज बोले,
"रामलला के यहां चोरी करने वाले लोग पहले ही जेल पहुंच चुके हैं। प्रशासन इस पूरे मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है। चोर बच नहीं पाएंगे और गबन की गई रकम भी वापस लाई जा रही है। जिन्होंने रामलला के साथ यह चोरी की है, उन्हें सीधे फांसी की सजा मिलनी चाहिए।"
6 जुलाई को बड़ी बैठक, सनातन के दुश्मनों पर बरसे महंत सीताराम दास
इस पूरे विवाद के बीच आगामी 6 जुलाई को दोपहर 3 बजे छोटी छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम बैठक बुलाई गई है। महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि बैठक के बारे में सभी सदस्यों को जानकारी दे दी गई है। जारी जांच बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रही है और ट्रस्ट इस पर जो भी फैसला लेगा, वह दूध का दूध और पानी का पानी कर देगा। इससे भगवान राम में लोगों का विश्वास और ज्यादा मजबूत होगा।
संत महंत सीताराम दास जी महाराज ने कहा कि मंदिर के चढ़ावे की चोरी ने पूरे सनातन समाज की आत्मा को गहरे जख्म दिए हैं। उन्होंने इस साजिश के पीछे देश-विरोधी और राम-विरोधी ताकतों का हाथ होने का शक जताया है। उन्होंने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया या एड्स जैसी बीमारियों से करते थे। उनका कहना है कि यही लोग अब एकजुट होकर सनातन धर्म पर चोट करने की कोशिश कर रहे हैं।
महंत सीताराम दास ने जांच का समय 15 दिन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया और कहा कि जल्द ही आरोपियों पर योगी सरकार का बुलडोजर चलेगा।
लखनऊ से अयोध्या तक सियासी भूचाल, विपक्षी नेताओं ने क्या-क्या कहा?
इस कथित चोरी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति का पारा भी गरमा दिया है। यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इस घटना को बेहद हैरान करने वाला बताया है। उन्होंने सीधे राज्य सरकार के सुरक्षा और जीरो टॉलरेंस के दावों पर सवाल दाग दिए। विपक्ष का कहना है कि जो सरकार सूबे से चोरों और माफियाओं को साफ करने का ढिंढोरा पीटती है, वह देश के सबसे वीआईपी और हाई-प्रोफाइल मंदिर के चढ़ावे को भी सुरक्षित नहीं रख पाई।
विपक्ष के इन तीखे हमलों का जवाब देने के लिए शिवसेना की फायरब्रैंड नेता शाइना एनसी सामने आईं। उन्होंने मंदिर प्रशासन का बचाव करते हुए विपक्ष को नसीहत दे डाली।
शाइना ने कहा कि राम मंदिर लोगों की आस्था और विश्वास का एक पवित्र केंद्र है, यह कोई बिजनेस करने वाली जगह नहीं है। लोगों ने जो भी दिल खोलकर दान दिया है, वह सब पब्लिक रिकॉर्ड में दर्ज होता है। हर ट्रस्ट का बाकायदा ऑडिट किया जाता है जो सबके सामने रहता है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि अगर चोरी हुई है तो कानून अपना काम कर रहा है, आप चोरी पर बात कीजिए, लेकिन राम मंदिर के नाम पर गंदी राजनीति करना बंद कीजिए।
रिमांड पर मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला, सीन रीक्रिएट कर रही SIT
जमीनी हकीकत की बात करें तो यूपी सरकार की बनाई हुई एसआईटी की टीम सबूत जुटाने के लिए खुद राम मंदिर परिसर पहुंची। सरकार ने एसआईटी को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है ताकि इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचा जा सके। अयोध्या पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को कोर्ट से 24 घंटे की कस्टडी रिमांड पर ले लिया है।
पुलिस और एसआईटी की टीम अविनाश शुक्ला को साथ लेकर 'क्राइम सीन रीक्रिएट' करने में जुटी है। कस्टडी के दौरान आरोपी से यह उगलवाने की कोशिश की जा रही है कि उसने इस वित्तीय हेराफेरी को कैसे अंजाम दिया, इसमें उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और चोरी किए गए पैसे कहां छिपाकर रखे गए हैं। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही जनता के सामने पूरी सच्चाई रख दी जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।














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