कौन है PAK का पूर्व SSG कमांडर हाशिम मूसा? पहलगाम अटैक का बताया जा रहा मास्टरमाइंड, करवा चुका है कई आतंकी हमला
Hashim musa Update News: जम्म-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है। इंटेलिजेंस एजेंसी के मुताबिक पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी सेना के पैरा फोर्सेज SSG का पूर्व कमांडर हाशिम मूसा है। हाशिम मूसा फिलहाल लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर रहा है। सूत्रों ने मंगलवार (29 अप्रैल) को जानकारी दी है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के सिलसिले में जांचकर्ताओं द्वारा पहचाने गए दो पाकिस्तानी आतंकवादियों में से एक हाशिम मूसा है।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने मूसा को अपने रैंक से बर्खास्त कर दिया था, जिसके बाद से वे लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) में शामिल हो गया। रिपोर्ट ये भी है कि उसने सितंबर 2023 में भारत में घुसपैठ की थी, वो मुख्य रूप से कश्मीर के बडगाम जिले में सक्रिय था। पहलगाम हमले के लिए लश्कर ने ही उसे जम्मू-कश्मीर भेजा था।

बारामूला और गांदरबल हमले में भी आया था हाशिम मूसा का नाम
हाशिम मूसा पर गांदरबल के गगनगीर में अक्टूबर 2024 में हुए हमले को अंजाम देने का भी आरोप है। इसमें कई कई मजदूर और एक स्थानीय डॉक्टर की मौत हो गई है। कहा जा रहा है बारामूला हमले में भी इसका हाथ है, जिसमें दो भारतीय सेना के जवान और दो अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
सुरक्षा प्रतिष्ठान के एक सूत्र के हवाले से ये भी जानकारी सामने आई है कि पाकिस्तान सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) ने लश्कर में शामिल होने और आतंकी संगठन के कश्मीर अभियानों को मजबूत करने के लिए कहा हो सकता है।
Who is Hashim musa: कौन है हाशिम मूसा?
🔴 हाशिम मूसा, एक प्रशिक्षित (ट्रेंड) पैरा कमांडो है, जो सीक्रेट मिशन का एक्सपर्ट माना जाता है। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक हाशिम मूसा जैसे ट्रेंड कमांडो आमतौर पर अत्याधुनिक हथियारों को चलाने में माहिर होते हैं।
🔴 हाशिम मूसा वर्तमान में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। हाशिम मूसा SSG कमांडो है, इसका खुलासा 14 कश्मीरी ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) में से एक ने किया था। इन ओजीडब्ल्यू पर पाकिस्तानी आतंकवादियों को मदद करने और आतंकी स्थल की जानकारी देने का आरोप है।
पहलगाम हमले में पाकिस्तानी सेना और ISI की भूमिका!
सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की भूमिका अब स्पष्ट हो गई है, क्योंकि घाटी में अक्टूबर 2024 में हुए हमलों में भी इसी तरह के पैटर्न देखे गए थे, जिसमें 6 गैर-स्थानीय लोग, एक डॉक्टर, दो भारतीय सेना के जवान और दो सेना के कुली मारे गए थे। हाशिम मूसा 2024 में हुए तीन हमलों में भी शामिल था।
पहलगाम हमले की जांच कर रही NIA ने दक्षिण कश्मीर में सक्रिय OGW और आतंकी मॉड्यूल के एक स्थानीय नेटवर्क की संलिप्तता की पुष्टि की है। जांच के दौरान पता चला है कि स्थानीय लोगों ने पहलगाम में हमला करने वाले आतंकियों की मदद की थी, उन्हें लॉजिस्टिक्स और हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों को लाने-जाने में भी मदद की।
खबर ये भी है कि दो पाकिस्तानी आतंकवादी मूसा और अली भाई और दो स्थानीय आतंकी आदिल थोकर और आसिफ शेख पहलगाम आतंकी हमले में सीधे तौर पर शामिल थे। पूछताछ में और भी पाकिस्तानी आतंकवादियों के शामिल होने के संकेत मिले हैं।












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