कौन हैं NIA के वकील दयान कृष्णन, जो तहव्वुर राणा को दिलाएंगे सजा, निर्भया से संसद हमले तक का लड़ चुके हैं केस

Dayan Krishnan: 26/11 मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से फिलहाल नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) पूछताछ कर रही है। तहव्वुर राणा को 10 अप्रैल को भारत लाया गया, जिसके बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 18 दिन की NIA कस्टडी में भेजा। जैसे जैसे इस मुकदमे पर लोगों का ध्यान जा रहा है....वैसे-वैसे लोगों का ध्यान उस शख्स पर भी जा रहा है...जो तहव्वुर राणा के खिलाफ NIA की ओर से केस लड़ेंगे। ये शख्स कोई और नहीं बल्कि भारत के जाने-माने अधिवक्ता और टॉप क्रिमिनल वकील दयान कृष्णन हैं।

सुप्रीम कोर्ट के अनुभवी वकील दयान कृष्णन तहव्वुर राणा के खिलाफ एनआईए की ओर से केस लड़ेंगे। हालांकि इस केस से दयान कृष्णन पहले से जुड़े हुए हैं। दयान कृष्णन 2010 में शिकागो में डेविड हेडली से पूछताछ करने वाली एनआईए टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। इसके बाद उन्हें 2014 में उन्हें हेडली और राणा दोनों के प्रत्यर्पण मामलों के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया था।

Dayan Krishnan
Photo Credit: दयान कृष्णन (बाएं) तहव्वुर राणा (दांए)

राणा को भारत लाने में भी दयान कृष्णन ने बड़ी भूमिका निभाई है। राणा ने अमेरिका में प्रत्यर्पण से बचने के लिए 'डबल जेपर्डी' का तर्क दिया था लेकिन दयान कृष्णन ने अपने तर्कों से साबित कर दिया था कि भारत के राणा के खिलाफ आरोप अलग प्रकृति के हैं...इसी वजह से अमेरिकी कोर्ट ने उसकी सारी याचिकाएं खारिज की थीं। ऐसे में आइए जानें कौन हैं दयान कृष्णन और उनके करियर के बारे में?

🔴 Who is Senior Advocate Dayan Krishnan: कौन हैं वकील दयान कृष्णन?

  • वकील दयान कृष्णन ने भारत के पहले राष्ट्रीय विधि विद्यालय शनल लॉ स्कूल NLSIU (बेंगलुरु ने) से 1993 में ग्रेजुएट हुए हैं। कहा जाता है कि वकील दयान कृष्णन इसके पहले बैच का हिस्सा थे।
  • दयान कृष्णन ने 1999 में अपनी स्वतंत्र वकालत की प्रैक्टिस शुरू की थी। पिछले कुछ सालों में वे भारतीय कानूनी प्रणाली में एक प्रमुख शख्स बन गए हैं। दयान कृष्णन को 2014 में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था।
  • दयान कृष्णन ने 1999 में न्यायमूर्ति जेएस वर्मा आयोग में भी योगदान दिया हैं। दयान कृष्णन को प्रत्यर्पण कानून का विशेषज्ञ माना जाता है।

Take a Poll

🔴 Dayan Krishnan Top case: दयान कृष्णन के हाई प्रोफाइल केस

  • दयान कृष्णन ने 2001 के संसद हमले का मुकदमा, कावेरी जल विवाद, दूरसंचार घोटाला, नितीश कटारा हत्याकांड, उपहार अग्निकांड जैसे कई हाई-प्रोफाइल मामलों में वे सरकार की तरफ से केस लड़े हैं।
  • दयान कृष्णन ने निर्भया केस भी लड़ा था...वो भी फ्री में। 2012 के निर्भया बलात्कार और हत्या मामले में विशेष लोक अभियोजक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने उस वक्त कहा था कि एक वकील होने के नाते उनका समाज के प्रति कोई फर्ज भी बनता है। ये पेशा सिर्फ पैसा कमाने के लिए नहीं है।

🔴 तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण में वकील दयान कृष्णन की भूमिका

अंतराष्ट्रीय प्रत्यर्पण मामलों में दयान कृष्णन का व्यापक अनुभव उन्हें तहव्वुर राणा के अभियोजन को संभालने के लिए सक्षम बनाता है। वह 2010 से 26/11 मामले से जुड़े हुए हैं, जिसमें शिकागो में डेविड कोलमैन हेडली से पूछताछ करने वाली NIA टीम का हिस्सा भी शामिल है।

2014 में दयान कृष्णन को हेडली और राणा दोनों के प्रत्यर्पण मामलों में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया था। उन्होंने रवि शंकरन (2011) और रेमंड वर्ले (2012) के प्रत्यर्पण मामलों में भी भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया, दोनों में गंभीर आपराधिक आरोप शामिल थे।

राणा की प्रत्यर्पण याचिकाओं को खारिज करने के लिए अमेरिकी अदालतों को मनाने में कृष्णन की अदालती दलीलों ने अहम भूमिका निभाई है। मई 2023 में एक बड़ी सफलता मिली, जब एक अमेरिकी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश ने कृष्णन की इस दलील को स्वीकार कर लिया कि आरोपों की प्रकृति-आरोपी का आचरण नहीं - अपराध की विशिष्टता निर्धारित करता है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कार्यवाही में कृष्णन और राणा का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रत्यर्पण विशेषज्ञ पॉल गार्लिक क्यूसी के बीच एक तीखी कानूनी लड़ाई हुई थी। जबकि गार्लिक ने तर्क दिया कि यह दोहरे खतरे का मामला था, कृष्णन ने सफलतापूर्वक इसके विपरीत तर्क दिया था कि ये एक ऐसी स्थिति जिसे अमेरिकी जिला न्यायालय और नौवीं सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स सहित लगातार अदालतों ने बरकरार रखा।

इसके बाद राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन 21 जनवरी 2025 को राणा की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी। जिसके बाद 4 अप्रैल को उसकी आखिरी समीक्षा याचिका भी खारिज कर दी गई, जिससे उनके प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया।

🔴 तहव्वुर राणा मामला: दयान कृष्णन की टीम में कौन-कौन से वकील शामिल होंगे?

तहव्वुर राणा मामले में दयान कृष्णन को अदालत में विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र मान भी सपोर्ट ककेंगे। नरेंद्र मान भी एक अनुभवी आपराधिक वकील हैं। उन्होंने पहले दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का प्रतिनिधित्व किया है। कानूनी टीम में अधिवक्ता संजीवी शेषाद्रि, श्रीधर काले और एनआईए के वकील भी शामिल होंगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+