Ananya Banerjee: 'कैश-मसाज मशीन और मेकअप कीट', अनन्या बनर्जी कौन? TMC पार्षद का ऑफिस बना अय्याशी का अड्डा!
Ananya Banerjee: चुनावी हार के बाद जहां एक ओर टीएमएसी पार्टी अपने आतंरिक कलह से जूझ रही है वहीं दूसरी ओर उनकी एक लोकप्रिय पार्षद ने तृणमूल की परेशानी और ज्यादा बढ़ा दी है और आलम ये है कि विरोधी दल उनके चलते पूरी पार्टी को निशाना बना रहे हैं। दरअसल यहां पर बात हो रही है तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्षद अनन्या बनर्जी की, जिनके ऑफिस से आपत्तिजनक चीजें बरामद हुई हैं, जिसके बाद से बवाल मच गया है।
मालूम हो कि कोलकाता नगर निगम (KMC) के वार्ड नंबर 109 की TMC पार्षद अनन्या बनर्जी का मुकुंदपुर स्थित वार्ड कार्यालय उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब वहां से कथित तौर पर कंडोम, मसाज मशीन, नकदी से भरे बॉक्स, मेकअप रूम और एक रहस्यमयी पीली डायरी मिली।

मुकुंदपुर पार्षद दफ्तर का विवाद
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मुकुंदपुर वार्ड के इस दफ्तर में पिछले कुछ समय से असामान्य और संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं। निवासियों का आरोप है कि यहां अक्सर असमय लोगों का जमावड़ा रहता था, जिसका जनसेवा से कोई सरोकार नहीं था। इसी संदेह के चलते सोमवार को स्थानीय निवासियों ने विपक्ष के नेताओं के साथ मिलकर वहां जाने का फैसला किया।
टेबल और फर्श पर नकदी के बंडल बिखरे हुए थे
कार्यालय के भीतर जब टीम पहुंची, तो वहां का दृश्य एकदम अलग था। वहां बकायदा एक 'मेकअप रूम' की व्यवस्था की गई थी, वहां मसाज कुर्सियां रखी हुई थीं, यही नहीं वहां टेबल और फर्श पर नकदी के बंडल, शराब की बोतलें और कंडोम के पैकट मिले। छापेमारी के दौरान मौजूद लोगों से जब इन चीजों के बारे में सवाल किए गए, तो कोई भी ठोस जवाब देने की स्थिति में नहीं था।

कौन हैं अनन्या बनर्जी? ग्लैमर से सियासत तक का सफर
अनन्या बनर्जी कोलकाता नगर निगम की चर्चित महिला पार्षद हैं। राजनीति में आने से पहले वह मॉडलिंग और मनोरंजन जगत से जुड़ी रही हैं। साल 2000 में उन्होंने "मिस कोलकाता" का खिताब जीता था। कलकत्ता यूनिवर्सिटी से इंग्लिश में ग्रेजुएट अनन्या पहले वेस्ट बंगाल विमेंस डेवलपमेंट इनिशिएटिव की चेयरपर्सन और स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स की सदस्य रह चुकी हैं। बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा, उनके वार्ड में दक्षिण-पूर्व कोलकाता के कुछ इलाके आते हैं, जिनमें मुकुंदापुर, संतोषपुर और नयाबाद शामिल हैं।

'पीली डायरी' ने बढ़ाई मुश्किलें
पूरे विवाद का सबसे चर्चित हिस्सा एक पीले रंग की डायरी बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि इसमें कथित आर्थिक लेन-देन, नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली और कुछ प्रमोटरों से जुड़े भुगतान का रिकॉर्ड दर्ज था। हालांकि इन दावों की अभी तक किसी जांच एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अनन्या बनर्जी ने क्या कहा?
पूरे घटनाक्रम और गंभीर आरोपों के बीच विवादों में घिरीं पार्षद अनन्या बनर्जी ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। अनन्या बनर्जी का कहना है कि उक्त मुकुंदपुर कार्यालय की चाबी उनके पास नहीं रहती है, इसलिए वहां क्या रखा गया था इसकी सीधी जिम्मेदारी उनकी नहीं है।

अपने बचाव में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे 8 जून 2026 के बाद से उस दफ्तर में नहीं गई हैं। दफ्तर से बरामद अन्य राहत सामग्रियों को लेकर उन्होंने बताया कि वे सामान ईद के त्योहार के दौरान गरीबों में बांटने के लिए रखे गए थे लेकिन पार्षद ने दफ्तर से बरामद कंडोम और मसाज मशीनों पर एक शब्द भी नहीं कहा।
बंगाल की राजनीति में जांच की मांग तेज
इस घटना ने कोलकाता में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों के बीच एक नया मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेतृत्व ने इस मामले की निष्पक्ष पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है।
मामले पर उठे ये बड़े सवाल?
- क्या वाकई ऑफिस से नकदी और विवादित सामान बरामद हुआ?
- पीली डायरी में दर्ज जानकारियां कितनी सच हैं?
- क्या नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली का कोई नेटवर्क चल रहा था?
- क्या जांच एजेंसियां इन दावों की पुष्टि करेंगी?














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