कौन हैं दो खालिस्तानी अलगाववादी, जिन्होंने यूके में किसानों के समर्थन में किया प्रदर्शन

नई दिल्ली। भारत विरोधी अलगाववादियों ने रविवार को लंदन में भारतीय हाई कमीशन के सामने प्रदर्शन किया था। इन प्रदर्शनकारियों ने दो खालिस्तानी अलगाववादी भी शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान खालिस्तान का झंडा भी लहराया गया। जिन दो खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों की पहचान हुई है, उनके नाम परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और कुलदीप सिंह चेहूरा हैं। परमजीत सिंह सिख प्रमुख सिख अलगाववादियों में से एक है। एनआईए की लिस्ट वह वांटेड आतंकी है, उसके खिलाफ कई देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।

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8 आतंकियों की लिस्ट में शामिल परमजीत सिंह उर्फ पम्मा
इस वर्ष जुलाई माह में परमजीत सिंह को गृहमंत्रालय की ओर से उन 8 आतंकियों की लिस्ट में शामिल किया गया था जिनके खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटीज एक्ट (यूएपीए) के तहत केस दर्ज है। उसने अपने भाई परमिंदर सिंह उर्फ राजा या बॉस के साथ मिलकर अपने लिंक बनाए। परमिंदर सिंह को पंजाब पुलिस ने 1980 में एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। जबकि पम्मा संगरूर में 10 महीने की सजा भी काट चुका है।

कौन है पम्मा
1992 तक पम्मा छोटे अपराध में शामिल था, दो साल के बाद वह जर्मनी चला गया वहां से वह पाकिस्तान पहुंच गया और ब्बर खालसा इंटरनेशनल में शामिल हो गया। शुरुआत में वह वाधवा सिंह का करीबी था। इसके बाद वह खालिस्तानी टाइगर फोर्स में शामिल हो गया और जगतार सिंह तारा का करीबी बन गया। उस वक्त वह थाइलैंड में इंचार्ज था। 2000 में उसने यूके में राजनीतिक शरण ली, जहां उसने तीन मंजिला किराना स्टोर में निवेश किया। हाल के सालों में वह गुरपतवंत सिंह पन्नू के करीब हुआ। खुफिया विभाग का मानना है कि पन्नू ने ही पंजाब में खालिस्तानी आंदोलन की शुरुआत की थी, जिसे पाकिस्तान के आईएसआई का समर्थन प्राप्त था। सिख रेफरेंडम 2020 की मांग करने वालों में पम्मा और पन्नुम दोनों ही शामिल थे।

आरएसएस नेता की हत्या का आरोप
पम्मा पर आरोप है कि वह आरएसएस मुखिया रुलदा सिंह की हत्या में शामिल था। रुलदा सिंह की 28 जुलाई 2009 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पम्मा को 2015 में पुर्तगाल में गिरफ्तार किया गया था, जहां इंटरपोल ने उसके खिलाफ भारत सरकार की मांग पर रेट कॉर्नर नोटिस जारी किया था। पम्मा 2000 से यूके में ही रह रहा है, जहां उसे राजनीतिक शरण प्राप्त है।

कौन है कुलदीप सिंह चहेरू
भारतीय खुफिया एजेंसी के अनुसार कुलपीद सिंह चेहरू 48 साल का है। वह अखंड कीर्तनी जठा के साथ जुड़ा है और फेडरेशन सिख ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ा है। यूके में कई मिठाई की दुकनों का कुलदीप मालिक है और यूके में ही वह रहता है। हालांकि उसका नाम वांटेड लिस्ट में नहीं है, लेकिन उसकी जड़े पंजाब के कपूरथला स्थित चहेरू गांव से जुड़ी हैं। सिख आतंकी मनबीर सिंह चहेरू जिसने खालिस्तान कमांडो फोर्स का गठन किया था, उसका कुलदीप से लिंक था। 1987 में मनबीर को गिरफ्तार कर लिया गया था, बाद में एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद कुलदीप यूके चला गया जहां वह भारत विरोधी प्रदर्शन में शिरकत करता है।

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