महिलाओं की तुलना बोतल की सील से करने वाले प्रोफ़ेसर अब कहां हैं?

महिलाओं की तुलना बोतल की सील से करने वाले प्रोफ़ेसर अब कहां हैं?

जाधवपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को कथित रूप से फ़ेसबुक पर महिलाओं के ख़िलाफ़ अश्लील टिप्पणी करने वाले प्रोफ़ेसर कनक सरकार के विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इंटरनेशनल रिलेशन्स डिपार्टमेंट में पढ़ाने वाले प्रोफ़ेसर सरकार पर लगे आरोपों की जांच शुरु करते हुए उनके पढ़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर सुरंजन दास ने इस बारे में कहा, "प्रोफ़ेसर सरकार के फ़ेसबुक कमेंट मामले में तीन अलग-अलग जांचें शुरू की गई हैं. इन जांचों के पूरा होने तक उन्हें यूनिवर्सिटी परिसर में घुसने की आज्ञा नहीं होगी. और जांच पूरी होने तक वह अपनी कक्षाएं भी नहीं ले पाएंगे."

इस मामले में एक विभागीय जांच के अलावा, पश्चिम बंगाल राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग अपनी जांच करने जा रहा है.

इससे पहले बुधवार को ही संबंधित विभाग की छात्र-शिक्षक समिति ने एक बैठक में प्रोफ़ेसर सरकार के ख़िलाफ़ कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श किया.

विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर ओम प्रकाश मिश्रा ने बीबीसी को बताया, "मेरे पास वो शब्द ही नहीं है जिससे मैं उनके बयान की निंदा कर सकूं. अलग-अलग बैचों के छात्रों ने लिखित ज्ञापन दिया है जिसमें उन घटनाओं का ज़िक्र है जब प्रोफ़ेसर सरकार ने लैंगिक टिप्पणियां की हैं. इनमें कक्षाओं के दौरान की गई टिप्पणियां शामिल हैं. छात्रों ने उन्हें विश्वविद्यालय से निलंबित करने की मांग की है. मैंने उनके विचारों को उप कुलपति तक पहुंचा दिया है."

इंटरनेशन रिलेशन्स से एमए कर रहे फ़ाइनल ईयर के छात्र सौनक वैद्य का कहना है, "हमारे प्रोफ़ेसर ने जो टिप्पणी की है, जिन भी शब्दों में उसकी निन्दा की जाए कम ही है लेकिन हमारे लिए ये नया तो कहीं से नहीं है. अगर आप उनका फ़ेसबुक अकाउंट खंगालेंगे तो आपको इसी तरह के कई भद्दे कमेंट्स मिल जाएंगे."

प्रोफ़ेसर सरकार की क्लास में पढ़ चुकी हिस्ट्री डिपार्टमेंट की एक छात्रा का कहना है कि उन्हें उनके सीनियर्स ने पहले ही प्रोफ़ेसर सरकार के रवैये को लेकर आगाह किया था.

छात्रा का कहना है, "सीनियर्स ने पहले ही बता दिया था प्रोफ़ेसर सरकार दकियानूसी और सेक्सिस्ट कमेंट्स करते हैं. "

रविवार को पिछले दो दशकों से अध्यापन का कार्य कर रहे प्रोफ़ेसर ने अपने फ़ेसबुक पर लिखा था, ''बहुत से लड़के अब भी बेवकूफ़ के बेवकूफ़ ही हैं. वे बतौर पत्नी वर्जिन लड़की को चुनने को लेकर अब भी जागरुक नहीं हैं. वर्जिन लड़की सील बंद बोतल या फिर सील बंद पैकेट की तरह होती है. क्या आप सील खुली कोल्ड-ड्रिंक की बोतल या फिर सील खुले हुए बिस्किट के पैकेट को ख़रीदना पसंद करेंगे?''

फ़ेसबुक पर लिखे गए इसी पोस्ट में प्रोफ़ेसर सरकार आगे लिखते हैं, "एक लड़की जैविक तौर पर सील बंद ही होती है...एक वर्जिन लड़की का मतलब है कि वो अपने साथ मूल्यों, संस्कार और यौनिक स्वच्छता को आत्मसात किए हुए है."

हालांकि जैसे ही उनकी ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई उन्होंने अपने कमेंट्स डिलीट कर दिए.

प्रोफ़ेसर सरकार ने अपने फ़ेसबुक पोस्ट के समर्थन में बीबीसी से कहा कि उन्होंने वो पोस्ट एक बेहद निजी फ़ेसबुक ग्रुप में हल्के-फुल्के तरीक़े से लिखी थी और जैसे ही पोस्ट को लेकर बवाल शुरू हुआ उन्होंने उस पोस्ट को ही डिलीट कर दिया.

वो आगे कहते हैं, "सभी की तरह मुझे भी स्वतंत्र अभिव्यक्ति का अधिकार है. सामजिक मूल्यों को लेकर एक लंबी बहस चल रही थी और ये पोस्ट उसी का एक हिस्सा थी. इससे पहले मैंने लड़कों के लिए भी लिखा था. इस कमेंट को उस पूरी बातचीत के एक हिस्से के तौर पर देखा जाना चाहिए न कि अलग से किसी विषय-वस्तु की तरह. लेकिन इस सच्चाई से आंखें नहीं मूंदी जा सकती हैं कि परिवार बिखर रहे हैं और ज़्यादातर शादियां सामाजिक मूल्यों की कमी के चलते टूट रही हैं."

प्रोफ़ेसर सरकार की क्लास में स्टूडेंट रह चुकी एक छात्रा का कहना है, "क्या हम मिनरल वॉटर की बोतल हैं या फिर कुछ और हैं? ईश्वर ने हमें किसी सील के साथ नहीं भेजा. क्या उन्हें मौलिक जीव-विज्ञान के बारे में भी पता है? क्या उन्हें पता है कि हमारी सील बहुत कम उम्र में ही बहुत से कारणों की वजह से टूट जाती है."

यूनिवर्सिटी के बहुत से दूसरे छात्र और छात्राओं में प्रोफ़ेसर कनक सरकार के कोल्ड ड्रिंक की बोतल और बिस्किट के पैकेट वाले बयान को लेकर नाराज़गी है. उनमें ग़ुस्सा है कि कोई किसी औरत की तुलना इन चीज़ों से कर भी कैसे सकता है.

चारों ओर से इस टिप्पणी की आलोचना हो रही है. अब तो राज्य सरकार ने भी विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई कर रहा है.

ये भी पढ़ें...

'पर्दे में हैं लेकिन बेअक्ल कठपुतली नहीं सऊदी महिलाएं'

निज़ामुद्दीन औलिया की मज़ार पर जा पाएंगी महिलाएं?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+