अपनी किताब ने प्रणब ने खोले राज, लिखा- बाल ठाकरे से मेरी मुलाकात पर खुश नहीं थीं सोनिया गांधी

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    Pranab Mukherjee reveals Sonia Gandhi was upset over his meeting with Bal Thackeray | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हाल ही में विमोचित हुई किताब द कोएलिन ईयर्स: 1996 टू 2012  (The Coalition Years 1996 to 2012) राजनीति के नए राज परत दर परत खोल रही है। मुखर्जी ने अपनी किताब में लिखा है कि साल 2012 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान उन्होंने लिखा है कि शिवसेना के सुप्रीमो बाल ठाकरे से मुलाकात की थी। ठाकरे और मुखर्जी की ये मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ-साथ उनके राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल को नागवार गुजरी थी। मुखर्जी के अनुसार उन्होंने जो किया वो उन्हें सही लगा था। गौरतलब है कि साल 2012 में प्रणब मुखर्जी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे। जबकि शिवसेना उस वक्त राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा थी। हालांकि उस वक्त शिवसेना ने प्रणब का समर्थन किया था। मुखर्जी के अनुसार शरद पवार की अध्यक्षता वाली नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) उस वक्त UPA का हिस्सा थी। 14 जुलाई 2012 को उन्हें मुंबई जाना था।

    मुखर्जी ने किताब में लिखा है...

    मुखर्जी ने किताब में लिखा है...

    मुखर्जी ने किताब में लिखा है कि सोनिया ने मेरी और ठाकरे की मुलाकात का प्रस्ताव ठुकरा दिया था लेकिन मैंने उनसे उनके घर जाकर मुलाकात की। मुखर्जी के अनुसार उन्होंने ठाकरे से इसलिए मुलाकात की क्योंकि उन्होंने अपने पारंपरिक साथी को छोड़कर मेरा समर्थन किया था। अगर मैं मिलने नहीं जाता तो संभवतः उन्हें दुःख होता। मुखर्जी ने लिखा है कि मुंबई जाने पहले मैंने सोनिया और शरद पवार से बात की।

    तब मुखर्जी ने पवार से पूछी ये बात!

    तब मुखर्जी ने पवार से पूछी ये बात!

    मुखर्जी के अनुसार उन्होंने पवार से पूछा कि क्या उन्हें ठाकरे से मिलना चाहिए? पवार की सलाह सोनिया के बिल्कुल विपरीत थी। पवार ने मुखर्जी से कहा था कि वो ठाकरे से जरूर मिलना चाहिए।

    सोनिया मुलाकात से थीं खफा

    सोनिया मुलाकात से थीं खफा

    मुखर्जी ने लिखा है कि पवार ने कहा - अगर वो ठाकरे से नहीं मिलते हैं तो वो इसे निजी बेइज्जती मान सकते हैं। मुखर्जी ने लिखा कि सोनिया, ठाकरे से मेरी मुलाकात को लेकर खफा थीं। उन्होंने मुखर्जी से कहा था कि हो सके तो वो ठाकरे से ना मिलें। ये उनकी सियासी सोच थी।

    ऐसे पता चला कि सोनिया हैं नाराज

    ऐसे पता चला कि सोनिया हैं नाराज

    मुखर्जी ने किताब में लिखा है कि जब वो ठाकरे से मिलकर वापस दिल्ली तो उन्हें एबताया गया कि सोनिया मुलाकात से खफा हैं। मुखर्जी ने लिखा कि गिरिजा व्यास आईं और कहा कि आपने ठाकरे से मुलाकात की थी। इससे सोनिया और अहमद पटेल नाराज हैं।

    जब हुई ठाकरे से मुलाकात

    जब हुई ठाकरे से मुलाकात

    ठाकरे से मुलाकात के बारे में मुखर्जी ने लिखा है कि 'बाल ठाकरे ने मजाकिया लहजे में कहा कि ये एक मराठा टाइगर की रॉयल बंगाल टाइगर से मुलाकात है।'

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    English summary
    When Pranab Mukherjee met bal thackeray, sonia gandhi felt bad The Coalition Years 1996 to 2012

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