जब राजनीति छोड़ बिजनेस शुरु करने जा रहे थे नीतीश
नई दिल्ली। बिहार में विकास पुरुष के रुप में एक बार फिर से बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को भारी मतों से चुन लिया है। महागठबंधन को जिस तरह से 180 सीटों पर जीत होती दिख रही है उससे साफ है कि जनता नीतीश कुमार के काम से पूरी तरह से संतुष्ट है।
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लेकिन यह जानना काफी दिलचस्प होगा कि एक वक्त ऐसा भी आया था जब नीतीश कुमार ने राजनीति से संन्यास लेकर बिजनेस में जाने का फैसला ले लिया था।
पत्रकार संतोष सिंह ने अपनी किताब रूल्ड ऑर मिसरूल्ड में लिखा है कि 1977 और 1980 के बीच एक ऐसा वक्त भी आया था जब नीतीश कुमार ने हार के बाद राजनीति से अलग होने का फैसला ले लिया था। उस वक्त नीतीश कांग्रेस के भोला सिंह से चुनाव हारने के बाद अपने मित्र मुन्ना से कहा था कि लगता है कोई बिजनेस ही शुरु करना पड़ेगा।
लेकिन 1985 में एक बार फिर से अपनी पूरी ताकत झोंककर बिहार के मैदान में कूदे थे और विजय हासिल की थी। उसके बाद का इतिहास आप हम सब जानते हैं। पिछले दस साल से बिहार की दशा बदलने के बाद एक बार फिर से नीतीश कुमार बिहार की बागडोर संभालने के लिए तैयाार हैं।













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